लुधियाना जिले के थाना सुधार में तैनात एएसआई मनोहर लाल से 33 लाख रुपए की वीजा धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रीना रानी निवासी अबूवाल सुधार, लुधियाना और लखबीर सिंह निवासी कॉलेज रोड, दाखा, लुधियाना के रूप में हुई है। वहीं फरार आरोपी महेश कुमार वर्मा बिरमपुर, गढ़शंकर, होशियारपुर का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि उनसे गहन पूछताछ की जा सके ।शिकायतकर्ता एएसआई मनोहर लाल ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा चननप्रीत सिंह विदेश जाना चाहता था। इसी सिलसिले में उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया था।
वर्क परमिट दिलाने का झांसा दिया आरोप है कि एजेंटों ने पहले ऑस्ट्रेलिया का वर्क परमिट दिलाने का झांसा दिया। जब ऑस्ट्रेलिया का वीज़ा नहीं लगा, तो बाद में यूके के स्टडी वीज़ा पर भेजने का आश्वासन दिया गया। शिकायत के अनुसार, एजेंटों ने 5 लाख रुपए अग्रिम और सिक्योरिटी चेक लेने के बाद यूके भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करवाए। 33 लाख रुपए वसूल किए टिकट और अन्य खर्चों सहित कुल 33 लाख रुपए वसूल किए गए। आरोप है कि संबंधित यूनिवर्सिटी की पूरी फीस जमा नहीं की गई, जिसके कारण यूके दूतावास ने चननप्रीत सिंह का वीज़ा रद्द कर दिया। इस घटना से परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ। इस मामले को सुलझाने के लिए 17 जनवरी 2026 को एक पंचायत भी बुलाई गई थी, लेकिन आरोपियों के बीच आपसी आरोप-प्रत्यारोप के कारण कोई समाधान नहीं निकल सका। एजेंटों ने मिलीभगत कर धोखाधड़ी की शिकायतकर्ता का आरोप है कि एजेंटों ने मिलीभगत कर धोखाधड़ी की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4), 316(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। थाना सुधार के एसएचओ को मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं।


