बठिंडा के जियोद गांव में किसानों पर हुए कथित पुलिसिया अत्याचार के खिलाफ किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की है। भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा (धनेर) ने 6 मार्च को बठिंडा में ‘जबर विरोधी ललकार रैली’ आयोजित करने का ऐलान किया है। बरनाला के तर्कशील भवन में हुई भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा (धनेर) की जिला स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। जिला अध्यक्ष कुलवंत सिंह मान और प्रदेश खजांची गुरदेव सिंह मांगेवाल ने एसएसपी ज्योति यादव पर किसानों के खिलाफ ‘अंधाधुंध कार्रवाई’ का आरोप लगाया। 10 मार्च को बरनाला में महापंचायत रैली नेताओं ने पंजाब सरकार पर गांवों की चौपालों से चलने का दावा करने के बावजूद लोगों को उन्हीं चौपालों में घेरकर पीटने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि लाठियों और झूठे मुकदमों से संघर्ष को दबाने का प्रयास सफल नहीं होगा। जिला महासचिव जगराज सिंह हरदासपुरा ने बताया कि 10 मार्च को बरनाला की अनाज मंडी में एक महापंचायत आयोजित की जाएगी। यह महापंचायत केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए किसान विरोधी समझौतों के खिलाफ होगी। महिला नेता अमरजीत कौर ने कहा कि लोकतंत्र को बलपूर्वक नहीं दबाया जा सकता और संगठन रैलियों के लिए सरकार से अनुमति नहीं लेंगे। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने जिले भर के किसानों से 6 मार्च को बठिंडा और 10 मार्च को बरनाला में सपरिवार पहुंचने का आह्वान किया।


