भास्कर न्यूज | फिरोजपुर आशा वर्कर एवं फेसिलिटेटर संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार तक आवाज पहुंचाई है। संयुक्त मोर्चा पंजाब के आह्वान पर जिला प्रधान राजवंत कौर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. अमनदीप कौर को मांगपत्र सौंपा। प्रेस को जारी बयान में बताया कि नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन कार्यरत आशा वर्कर और फेसिलिटेटर लंबे समय से बिना नियमित वेतन के कार्य कर रही हैं और उनका शोषण हो रहा है। संगठन का कहना है कि केंद्र और पंजाब सरकार को कई बार मांगपत्र सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। नेताओं ने बताया कि संयुक्त मोर्चा पंजाब के निर्णय अनुसार आज प्रदेश भर में सभी जिलों के उपायुक्तों के माध्यम से मांगपत्र सौंपे गए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 8 से 11 मार्च तक चलने वाले पंजाब सरकार के अंतिम बजट सत्र के दौरान उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन द्वारा तय कार्यक्रम के तहत सत्र का घेराव किया जाएगा। संगठन की मुख्य मांगों में आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों को श्रम कानूनों के अनुसार नियमित करते 26 हजार रुपए मासिक वेतन लागू करना, सेवानिवृत्त साथियों को हरियाणा की तर्ज पर 5 लाख सहायता राशि देना, ड्यूटी के दौरान मिलने वाले फिक्स भत्ते का आधा हिस्सा पेंशन के रूप में देना तथा ऑनरेरियम फंड से मिलने वाले 2,500 रुपए के फिक्स भत्ते को बढ़ाकर 10 हजार रुपए करना शामिल है। इसके अतिरिक्त फैसिलिटेटरों की टूर मनी दोगुनी करने की भी मांग की गई है। इस अवसर पर लक्ष्मी, सुनीता, किरण, रेनू, नीलम, रश्मि, मनजीत कौर, पूजा, पूनम, किरणदीप कौर सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान न होने की स्थिति में राज्यव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा।


