किन्नौर जिले के निचार खंड की ग्राम पंचायत रूपी के विभाजन की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। ग्रामीण शीगारचा को एक अलग पंचायत का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार से इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार प्रदेश सरकार और किन्नौर के विधायक तथा बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के समक्ष यह मुद्दा उठा चुके हैं। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत रूपी का क्षेत्रफल काफी विस्तृत और भौगोलिक रूप से दुर्गम है। विकास कार्यों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा इस कारण लोगों को पंचायत स्तर की सुविधाओं और विकास कार्यों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका तर्क है कि पंचायत का विभाजन पंचायती राज के निर्धारित मापदंडों को भी पूरा करता है। शीगारचा क्षेत्र की जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अलग पंचायत बनाए जाने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।


