प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के साथ ही राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे भाजपा नेताओं का इंतजार ओर बढ़ गया है।
पहले उम्मीद की जा रही थी कि सरकार की दूसरी वर्षगांठ के बाद साल 2026 की शुरुआत में बोर्ड-आयोग में नियुक्तियां देखने को मिल सकती है, लेकिन वह समय भी अब निकल गया है।
वहीं अब सरकार पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि फिलहाल राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार ओर बढ़ गया हैं।
पंचायत चुनावों के चलते अगले दो महीने अब किसी तरह की नियुक्तियां नहीं हो पाएगी। लोकसभा चुनाव से पहले हुई थी नियुक्तियां
दिसंबर 2023 में सीएम भजनलाल के सत्ता संभालते ही राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अटकलें तेज हो गई थी। शुरुआत में सरकार ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 7 नेताओं को राजनीतिक नियुक्ति दी थी। साथ ही बीजेपी नेता ओंकार सिंह लखावत को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण का अध्य्क्ष बनाया था।
वही उसके बाद 2 अगस्त 2025 को भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
लेकिन उसके बाद से प्रदेश के नेता राजनीतिक नियुक्तियों की बाट जोह रहे हैं।
राजस्थान में करीब 104 बोर्ड-आयोग
प्रदेश में 104 के करीब संवैधानिक, शैक्षणिक, प्रशासनिक आयोग-बोर्ड-अथॉरिटी हैं। इनमें जन अभाव अभियोग निराकरण समिति, हाउसिंग बोर्ड व आरटीडीसी अध्यक्ष, बीस सूत्री कार्यक्रम उपाध्यक्ष, महिला आयोग की अध्यक्ष समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। राज्य में अब तक 9 बोर्ड-आयोगों में नियुक्तियां हो चुकी हैं।
कई वरिष्ठ नेता भी लाइन में
राजनीतिक नियुक्तियों के इंतजार में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, सतीश पूनिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया, पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा के नाम चर्चाओं में हैं।
इसके साथ ही कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओ को भी कुछ बोर्ड-आयोग में एडजस्ट किया जा सकता हैं।


