छत्तीसगढ़ में जनपद पंचायत और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तारीख बढ़ाए जाने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजेपी पर चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जहां बीजेपी का बहुमत है, वहां चुनाव तय तारीख पर हो रहे हैं, लेकिन जहां कांग्रेस मजबूत स्थिति में है, वहां चुनाव को टाला जा रहा है। दीपक बैज ने कहा कि, हमें पहले से आशंका थी कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। अब वही हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि डौंडीलोहारा और कांकेर में चुने गए जनपद सदस्य वोटिंग के लिए पहुंच चुके थे, लेकिन मतदान से ठीक 2 मिनट पहले चुनाव की तारीख बढ़ा दी गई। 6 या 10 मार्च को हो सकता है चुनाव बस्तर जिले में भी यही हुआ। वहां 4 मार्च को जनपद पंचायत चुनाव तय थे, लेकिन ऐन वक्त पर तारीख आगे बढ़ा दी गई। बैज ने सवाल उठाया, बीजेपी सरकार आखिर चाहती क्या है? क्या वे हार से डर गए हैं? जब ‘एक देश, एक चुनाव’ की बात करने वाली पार्टी एक जिले में एकसाथ चुनाव नहीं करा पा रही, तो फिर किस मुंह से ऐसी बड़ी-बड़ी बातें कर रही है? चुनाव में धांधली के आरोप बैज ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जानबूझकर चुनाव को टाल रही है ताकि वे प्रलोभन देकर या डराकर जनपद और जिला पंचायत में कब्जा कर सकें। कांग्रेस ने इस पर घोर आपत्ति जताई है और चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। शायद फॉर्च्यूनर, इनोवा और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां देने का जुगाड़ नहीं हुआ होगा, इसलिए तारीख बढ़ा दी गई। हारने वाले को बना दिया जीत का सर्टिफिकेट? बैज ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया कि बस्तर के कोंटा क्षेत्र में हारे हुए प्रत्याशी को जीत का सर्टिफिकेट दे दिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को पार्टी के बड़े नेताओं के सामने उठाएगी और कानूनी कदम भी उठाएगी। कांग्रेस की चुनाव आयोग से मांग कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी लोकतंत्र को कुचलने की साजिश कर रही है। पार्टी ने चुनाव आयोग से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और जल्द चुनाव कराने की मांग की है। साथ ही, कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करने की भी तैयारी कर रही है।


