अलवर में पनियाला-बडौदामेव हाईवे पर काम करने आए महाराष्ट्र के परिवार को ठेकेदार ने धोखा दिया तो एक ऑटो ड्राइवर ने परिवार का साथ दिया। बहादरपुर गांव के युवकों ने रेनबसेरे का ताला तोड़कर रात्रि विश्राम कराया। अगले दिन गांव वालों ने 3100 रुपए एकत्रित कर परिवार को वापस महाराष्ट्र भेजा। जिससे कागजों में चल रहे नगर पालिका के रेनबसेरे की पोल खुल गई। जिसकी अधिकारियों से शिकायत की गई है। रात को गांव वालों ने पुलिस को बुलाकर रेनबसेरे का ताला तुड़वाया था। बहादरपुर के ग्रामीण विनय कुमार ने बताया कि होली के दिन महाराष्ट्र से दो महिला, दो पुरुष और एक बच्चा अलवर पनियाला-बडौदामेव हाईवे पर काम करने आए। जिस ठेकेदार ने उनको बुलाया उसने फोन बंद कर लिया। जब शाम होने लगी तो परिवार को रात्रि विश्राम की चिंता सताने लगी। उनके पास खाने को भी पैसे नहीं थे। यह बात ऑटो ड्राइवर को पता चली तो वह परिवार को बहादरपुर ले आया। उसे लगा कि वहां रेनबसेरे में यह परिवार रुक सकेगा। लेकिन यहां आने पर रेनबसेरे पर ताला जड़ा मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, ताकि पुलिस को पता रहे कि कौन लोग हैं जो महाराष्ट्र से आए हैं। उसके बाद पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणें ने रेनबसेरे का ताला तोड़ा और महाराष्ट्र के परिवार ने रात रेनबसेरे में बिताई। उसके अगले दिन यूथ कांग्रेस के मोंटू शर्मा ने गांव के लोगों से मिलकर 3 हजार रुपए एकत्रित कर परिवार को दिए। ताकि वे वापस आने गांव लौट सकें। जिस ठेकेदार ने महाराष्ट्र के परिवार को बुलाया था उसने अगले दिन भी फोन नहीं उठाया। मोंटू शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों ने महाराष्ट्र के परिवार की मदद की। रेनबसेरे का ताला तोड़कर रात में सुलाया। ग्रामीणों का कहना है कि रेनबसेरा कागजों में चल रहा है। यहां अधिकारी सुनते ही नहीं हैं।


