दतिया जिला अस्पताल में बुधवार को पेरिनेटल मैटरनल मेंटल हेल्थ (गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं की मानसिक स्वास्थ्य) पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और उनका प्रभावी उपचार करने के लिए प्रशिक्षित करना था। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मानसिक बीमारियों के लक्षणों की पहचान करने के तरीके बताए और प्रभावित महिलाओं को जिले में स्थापित “मनकक्ष” केंद्र में भेजने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच बनाई जा सके। डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ को किया जागरूक
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. के.सी. राठौर ने भी अपने अनुभव साझा किए और डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की महत्ता के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने और सही उपचार की प्रक्रिया को अपनाने से महिलाओं को बेहतर सहायता मिल सकती है।


