सिवनी जिले में होली का पर्व मनाया जा रहा है। सोमवार को होलिका दहन के बाद मंगलवार को चंद्र ग्रहण के कारण रंगोत्सव अपेक्षाकृत शांत रहा। हालांकि, आज बुधवार 4 मार्च को धुलेंडी के अवसर पर शहर और ग्रामीण अंचलों में रंगों की बौछार देखी गई। सुबह से ही लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और रंग खेलकर पर्व की शुभकामनाएं दे रहे थे। सिवनी मुख्यालय के साथ-साथ जिले के धनौरा, घंसौर, केवलारी, लखनादौन, छपारा, बरघाट और कुरई विकासखंडों के गांवों में भी होली का उत्साह देखा गया। बाजारों में रंग, गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी के कारण रौनक बनी हुई थी। यह पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पांच दिनों तक मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत होलिका दहन से होती है और समापन रंग पंचमी पर होता है। होली के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन असामाजिक तत्वों द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने भी नागरिकों से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से पर्व मनाने की अपील की है। कलेक्टर शीतला पटले और पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने बताया कि होली आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता का पर्व है। उन्होंने सभी से नियमों का पालन करते हुए और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए त्योहार मनाने का आग्रह किया। धुलेंडी के दिन बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंगों में सराबोर दिखे। विभिन्न स्थानों पर समूहों में लोग ढोल-नगाड़ों के साथ उत्सव मनाते हुए पाए गए। यह रंगीन पर्व जिले में सामाजिक एकता का संदेश दे रहा है। तस्वीरें देखिए…


