भास्कर न्यूज | बालोद मंगलवार सुबह 5.15 बजे होलिकादहन का यह नजारा जिला मुख्यालय के शिव हनुमान, चंडी मंदिर के सामने का है। जहां चंद्रग्रहण के बाद मंगलवार रात को होलिकादहन की प्लानिंग मंदिर समिति ने बनाई थी लेकिन इसके पहले मंगलवार को सुबह 4 से 5 बजे के बीच स्वत: ही जल गया। जिसकी पुष्टि सीसी फुटेज को देखकर करते हुए शिव हनुमान मंदिर कला निकेतन समिति के अध्यक्ष शरद अग्रवाल ने बताया कि रात ढाई बजे तक नगाड़ा बजाकर समिति के पदाधिकारी, सदस्य घर चले गए थे। चंद्रग्रहण के बाद पूजा पाठ कर होलिकादहन की प्लानिंग थी लेकिन मंगलवार सुबह 5 बजे जब पहुंचे तब होलिका जल रही थी। पहले लगा कि किसी असामाजिक तत्व ने होलिकादहन किया है लेकिन सीसी फुटेज में कोई व्यक्ति नजर नहीं आ रहा है। पूजा पाठ के दौरान दीप, अगरबत्ती जल रहा था, इसी की आग से होलिकादहन हुआ है। दावा है कि प्राचीन होलिकादहन स्थल होने की वजह से एक हजार से ज्यादा लोग पूजा पाठ करने पहुंचे थे। चंडी मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश कौशिक ने बताया कि चंद्रग्रहण के बाद मंगलवार रात को होलिकादहन करने की प्लानिंग थी लेकिन इसके पहले होलिकादहन होने की जानकारी मिली है।


