कांगड़ा जिले में धर्मशाला के मैकलॉडगंज स्थित मुख्य तिब्बती मंदिर के प्रांगण में बुधवार को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने 400 से अधिक श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस सार्वजनिक मुलाकात में मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर से आए 153 बौद्ध अनुयायियों का एक समूह विशेष रूप से उपस्थित था। ये श्रद्धालु विशेष चार्टर्ड प्लेन के जरिए पंजाब के अमृतसर पहुंचे थे। वहां से उन्होंने सड़क मार्ग से धर्मशाला की यात्रा की। मंगोलियाई भक्तों ने पारंपरिक वेशभूषा में दलाई लामा का अभिनंदन किया, जो उनकी संस्कृति और बौद्ध धर्म के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। दलाई लामा ने जनसमूह को संबोधित किया धर्मगुरु दलाई लामा ने इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में करुणा और मानसिक शांति की सर्वाधिक आवश्यकता है। उन्होंने मंगोलियाई श्रद्धालुओं के प्रति विशेष स्नेह व्यक्त करते हुए कहा कि भौतिक प्रगति के बावजूद हमें अपनी आध्यात्मिक जड़ों को नहीं भूलना चाहिए।
कई पश्चिमी देशों के भक्त भी शामिल हुए इस सार्वजनिक सभा में मंगोलियाई श्रद्धालुओं के अतिरिक्त लद्दाख, भूटान और कई पश्चिमी देशों के भक्त भी शामिल हुए। इन भक्तों ने घंटों पहले ही मंदिर परिसर में अपनी कतारें लगा ली थीं। दलाई लामा की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया।
आने वाले दिने में और बढ़ेगी संख्या मंगोलियाई श्रद्धालुओं ने बताया कि दलाई लामा के दर्शन करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था। उन्होंने इस विशेष यात्रा की योजना महीनों पहले बनाई थी। वर्तमान में धर्मशाला में धार्मिक पर्यटन का माहौल बना हुआ है। आने वाले दिनों में और भी विदेशी समूहों के यहां पहुंचने की संभावना है।


