जत्थेदार हरप्रीत ने खाली किया शिरोमणि कमेटी आवास:बोले- फैसले में शामिल होना गुनाह, किया चरित्र हनन; 15 दिन से नहीं सोया परिवार

तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब की फासिल से सिंह साहिबों द्वारा सुनाए गए फैसले में भाग लेना मेरा पाप था और तब से मुझे लगातार परेशान किया जा रहा है। मेरे चरित्र का हनन किया जा रहा है। मेरा परिवार पिछले 15 दिनों से सो नहीं पाया है और इन सबके पीछे एक पूर्व तथाकथित अकाली नेता है। प्रेसवार्ता के दौरान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि, विगत 2 दिसंबर के फैसले को बदलने के लिए बुलाई गई किसी भी बैठक में मैं हिस्सा नहीं लूंगा। यदि पंज सिंह साहिब 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले को बदलने के लिए बैठक बुलाते हैं तो मैं उसमें भाग नहीं लूंगा, लेकिन सभी पार्टियों के सिख नेता अक्सर मिलते रहते हैं, इसलिए मैं किसी पार्टी से जुड़ा नहीं हूं। मैं अपने पद से इस्तीफा नहीं दे रहा : ज्ञानी हरप्रीत सिंह ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि मैं पद से इस्तीफा नहीं दे रहा हूं, लेकिन अगर शिरोमणि कमेटी चाहे तो वह मेरे द्वारा दो महीने पहले दिया गया इस्तीफा स्वीकार कर सकती है। मैंने अपना शिरोमणि कमेटी आवास खाली कर दिया है, क्योंकि मेरा परिवार पिछले कुछ दिनों से परेशान था। बता दें कि, पूर्व अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा की ओर से एक बार फिर तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर हमला करते हुए एक वीडियो जारी किया गया है। जिसमें उन्होंने ज्ञानी जी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने तैश में आकर बीजेपी से संबंध होने की बात कबूली है, वहीं उन्होंने सालेयों जैसे शब्दों का भी उच्चारण किया है।

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