ग्वालियर साडा के पूर्व अध्यक्ष को महामूर्ख सम्मान:कवि दिनेश भारती बोले- यहां आना सौभाग्य की बात; बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

ग्वालियर में होली की पड़वा पर आज महाराजा बाड़े के विक्टोरिया मार्केट में मूर्ख सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस साल का महामूर्ख का सम्मान ग्वालियर साडा के पूर्व अध्यक्ष जय सिंह कुशवाहा का मिला है। इंदौर के कवि दिनेश भारती ने कहा कि यहां आना बड़ी सौभाग्य की बात है। यह बहुत शानदार आयोजन है। ग्वालियर की जनता का प्यार अद्भुत है। पूरे मध्य प्रदेश में सबसे अच्छी होली यहीं मनाई जाती है। सम्मेलन का यह 45वां साल है। मंच पर कवियों की जमात लगती है। हंसी के ठहाकों से पूरा महाराज बाड़ा गूंज उठता है। इस मूर्ख सम्मेलन की शुरुआत 1980 में ग्वालियर विकास समिति के मनमोहन घायल ने की थी। तब से लेकर यह हर साल आयोजित हो रहा है। हालांकि, कोरोना काल के चलते 2 साल यह सम्मेलन नहीं हो पाया था। सम्मेलन में कई प्रसिद्ध हास्य कवि शामिल होते हैं। इस बार भी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के कवि हरीश हंगामा, नरसिंहपुर के कवि डॉ. शंकर साहस, भोपाल की कवि सुनीता पटेल, इंदौर के कवि दिनेश भारती, ग्वालियर के कवि अमित चितवन और विवेक रैंचो पहुंचे हैं। 6 से 9 बजे तक चलता है मूर्ख सम्मेलन होली की पड़वा की शाम इस सम्मेलन की शुरुआत हुई। जिसमें कवि श्याम लॉकर ने हास्य कविताएं सुनाई। कवि सम्मेलन को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग महाराजा बाड़ा पहुंचे हैं। हर साल इस सम्मेलन को लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। सम्मेलन शाम 6 बजे से रात 9 तक आयोजित किया जाता है। इससे पहले इन्हें मिल चुका है महामूर्ख सम्मान सम्मेलन में अब तक कई प्रसिद्ध हास्य कवि, नेता और वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए हैं। इनमें प्रसिद्ध हास्य कवियों में टी-सीरीज कैसेट के हास्य कवि गोविंद सिंह गुरु, हरीश हंगामा, डॉ. शंकर साहस, कवि दिनेश भारती, भाजपा विधायक नारायण सिंह कुशवाहा, कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार, पूर्व विधायक प्रवीण पाठक शामिल हैं। वहीं, पत्रकार राकेश अचल, राम विद्रोही भी शामिल हैं। इनको मूर्ख सम्मेलन का सम्मान मिल चुका है। मंच का हिस्सा बनने लेने पड़ती है स्वीकृति मुर्ख सम्मेलन के मंच पर सिर्फ ग्वालियर और बाहर से आमंत्रित किए गए हास्य कवि ही हिस्सा लेते हैं। इस मुर्ख सम्मेलन के मंच पर कोई भी आम हिस्सा नहीं ले सकता है। अगर किसी भी व्यक्ति को इस मंच पर हिस्सा लेना हो तो उसे पहले इसके आयोजक प्रेम बरौनिया के मिलकर स्वीकृति लेना पड़ती है। उसके बाद ही वह मंच पर हिस्सा ले सकता है। मूर्ख सम्मेलन देखने झांसी-दिल्ली से भी आते हैं लोग आयोजन में शहर के साथ-साथ भिंड, मुरैना, शिवपुरी, दतिया, डबरा, झांसी, मथुरा, दिल्ली सहित कई अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। सम्मेलन के आयोजक प्रेम बरौनिया ने दैनिक भास्कर को बताया कि ग्वालियर विकास समिति एक ऐसी सामाजिक संस्था है जो शहर की प्रतिभाओं को गौरव दिलाने का काम करती है। संस्था ने कहीं ना कहीं ग्वालियर, देश प्रदेश और विदेश में भी ग्वालियर को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। उनको यह संस्था सदैव सम्मानित करती है और करती आ रही है। विकास समिति हर साल इस सम्मेलन में एक महा मूर्ख का किताब किसी एक व्यक्ति का चयन करने के बाद देते हैं। महामूर्ख का सम्मान मिलने वाले व्यक्ति का फूल, माला शाल, श्रीफल और एक स्मृति चिन्ह देखकर पुरस्कृत किया जाता है। जिस भी व्यक्ति को यह सम्मान मिलता है उसे ग्वालियर में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है, वह विशेष व्यक्ति इस सम्मान को हंसते मुस्कुराते हुए ग्रहण करता है। प्रेम बरौनिया ने बताया कि मूर्ख सम्मेलन और ग्वालियर विकास समिति के संस्थापक वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन घायल थे। उनका 16 जून 2016 को निधन हो गया था। मैं बरसों से उनके साथ था। वे मुझे छोटे भाई की तरह मानते थे। इस मुर्ख सम्मेलन में निरंतर 20 सालों से टी-सीरीज कैसेट के हास्य कवि गोविंद सिंह गुरु शामिल होते थे। दो वर्ष पूर्व उनका देहांत हो गया था। इस सम्मेलन का आयोजन इसलिए करते हैं क्योंकि होली का त्यौहार खुशियां और रंगों का त्यौहार है। यह एक ऐसा त्यौहार है जिसे लोग भाईचारे के रूप में मनाते हैं।

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