आगर मालवा जिले के ग्राम लिंगोड़ा में धुलेंडी पर खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में कार्यक्रम हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धधकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी मनोकामना पूरी होने पर कृतज्ञता व्यक्त की। यह आयोजन बुधवार को पूरे विधि-विधान और भक्ति भाव के साथ साथ हुआ। 9 फीट लंबी अंगारों की खाई बनी, श्रद्धालु नंगे पांव चले मंदिर प्रांगण में करीब 9 फीट लंबी खाई बनाई गई, जिसमें लकड़ियां जलाकर अंगारे तैयार किए गए। जब अंगारे पूरी तरह धधकने लगे, तब श्रद्धालु एक-एक कर नंगे पांव उन पर चलते हुए दूसरी ओर पहुंचे। इसके बाद वे सीधे मंदिर में जाकर हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचे। सालों से चली आ रही है परंपरा ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा सालों से चली आ रही है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना यहां पूरी होती है। इच्छा पूर्ण होने पर भक्त धुलेंडी के दिन अंगारों पर चलकर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस दौरान उन्हें किसी प्रकार की जलन महसूस नहीं होती, जिसे वे भगवान की कृपा मानते हैं। भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजा परिसर पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में जयकारों और भक्ति गीतों की गूंज रही। दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए थे। ग्राम लिंगोड़ा का खेड़ापति हनुमान मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। धुलेंडी पर अंगारों पर चलने की यह परंपरा श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और धार्मिक विश्वास को दर्शाती है।


