हरियाणा की 2 राज्यसभा सीटों पर फैसला आज:BJP का संजय पर दांव, कांग्रेस में देर रात तक 3 के नाम पर चर्चा, 1 राहुल गांधी ने सुझाया

हरियाणा की 9 अप्रैल को खाली हो रही दो राज्यसभा सीटों पर नॉमिनेशन का आज लास्ट डे है। इन राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होना है। भाजपा ने पूर्व सांसद संजय भाटिया पर दांव खेल दिया है, जबकि बुधवार की देर रात तक कांग्रेस में तीन नामों की चर्चा चल रही थी, जिनमें कर्मवीर सिंह बौद्ध, उदय भान और अशोक तंवर शामिल रहे। हालांकि, सूत्रों की माने तो कर्मवीर का नाम फाइनल कर दिया गया है। उसके पीछे तीन कारण गिनाए गए है। पहला वे अनुसूचित जाति से आते है, दूसरा वह हरियाणा विधानसभा के पूर्व सचिव भी रह चुके हैं और तीसरा व सबसे अहम ये कि बीते साल हरियाणा की राजनीति में भूचाल ला देने वाले आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में कथित आंदोलन के वे अगुवा बने हुए थे। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। बताया यहां तक गया है कि हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह लीगल टीम के साथ कर्मवीर बौद्ध के नामांकन से जुड़े डॉक्यूमेंट को लेकर देर रात को काम करते रहे, ताकि गुरुवार को नामांकन कराया जा सके। कौन है कर्मवीर बौद्ध, जिनका नाम कांग्रेस में सबसे आगे… अब भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया के बारे में जानिए…. यहां समझिए हरियाणा राज्यसभा चुनाव का पूरा गणित…. किरण चौधरी और रामचंद्र जागड़ा का कार्यकाल हाे रहा पूरा राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा की खाली हो रही ये दोनों सीटें भाजपा के पास हैं। राज्यसभा सांसद राम चंद्र जांगड़ा मार्च 2020 में राज्यसभा सांसद बने थे। उनका कार्यकाल 10 अप्रैल 2020 से शुरू होकर 9 अप्रैल 2026 तक है। वे निर्विरोध चुने गए थे। वहीं, किरण चौधरी 27 अगस्त 2024 को राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध सांसद चुनी गई थीं। यह सीट दीपेंद्र हुड्डा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। दीपेंद्र ने रोहतक से सांसद बनने के बाद इस्तीफा दिया था। जीतने के लिए कम से कम 31 कोटा वोट चाहिए हरियाणा विधानसभा में कुल 90 वैध मत हैं, जिनमें भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, निर्दलीय 3 और इनेलो के 2 वोट शामिल हैं। राज्यसभा की 2 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, और जीत का कोटा निकालने का फॉर्मूला है: कुल वैध मत ÷ (रिक्त सीटें + 1) + 1, यानी (90 ÷ 3) + 1 = 31। इसका मतलब है कि किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 31 कोटा वोट चाहिए। पहले राउंड में ये बन रही स्थिति पहले राउंड में, भाजपा और कांग्रेस 1-1 उम्मीदवार उतारती है, तो भाजपा अपने एक उम्मीदवार को 31 वोट देकर जिता सकती है, जिसके बाद उसके पास 17 वोट बचेंगे। वहीं, कांग्रेस अपने उम्मीदवार को 31 वोट देकर आसानी से जिता सकती है, जिसके बाद उसके पास 6 वोट बचेंगे। इस गणित के अनुसार, पहली सीट भाजपा और दूसरी सीट कांग्रेस की लगभग पक्की दिखती है। निर्दलीय के लिए ये बन रही स्थिति भाजपा के पास 17, कांग्रेस के पास 6, निर्दलीय 3 और इनेलो के पास 2 वोट शेष बचते हैं, जिनका कुल योग 28 होता है, जो कि जीत के लिए आवश्यक 31 के कोटे से कम है। यदि निर्दलीय (3) और इनेलो (2) भाजपा के साथ चले जाएं, तो भी भाजपा के पास केवल 22 वोट होंगे, जो कि 31 से कम हैं। अगर कांग्रेस के 6 वोट भी हथिया ले, तो भी कुल 28 वोट ही होंगे। इसलिए, भाजपा को दूसरी सीट जीतने के लिए 9 क्रॉस वोट चाहिए होंगे, जिससे उसके पास 17 + 3 + 2 + 9 = 31 वोट हो जाएंगे। एक-एक उम्मीदवार उतारा तो वोटिंग की जरूरत नहीं संवैधानिक मामलों के जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि भाजपा और कांग्रेस अपना एक-एक उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारती है, तो वोटिंग की जरूरत नहीं होगी। नाम वापसी के अंतिम दिन ही दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों को निर्विरोध घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि अगर भाजपा एक अन्य प्रत्याशी को मैदान में उतारती है तो वोटिंग करानी पड़ेगी। हालांकि इसके लिए भाजपा को क्रॉस वोटिंग की जरूरत पड़ेगी। ——————————–
ये खबर भी पढ़ें… मनीषा केस में अगुवा रहे पूर्व सरपंच बोले-राज्यसभा चुनाव लड़ूंगा:3 विधायकों का समर्थन, 7 से जुटा लेने का दावा; हरियाणा में 2 सीटों पर होगा चुनाव हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। भारतीय चुनाव आयोग ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए आईएएस पंकज अग्रवाल को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है, जबकि असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी हरियाणा विधानसभा के डिप्टी सेक्रेटरी गौरव गोयल को दी गई है। नामांकन 5 मार्च तक होगा। (पूरी खबर पढ़ें)

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *