कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले पटियाला के बंटी-बबली को आखिरकार मलेरकोटला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पटियाला के कनाडा पीआर एडवाइजरी के मालिक सौरव गुप्ता और उसकी पत्नी प्रगति गुप्ता को वृंदावन से पकड़ा, जबकि आरोपी सचिन गुप्ता अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। आरोपी पटियाला में लोगों को कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगते थे। उन्होंने पटियाला के रोहित कुमार और उसकी पत्नी को कनाडा भेजने के नाम पर 42 लाख रुपए ठगे। पीड़ित परिवार ने मलेरकोटला एसएसपी को शिकायत दी थी। इस केस में खास बात यह है कि पीड़ित परिवार की शिकायत जांच के लिए तीन जिलों में घूमी। यही नहीं पारदर्शी जांच के लिए उन्हें हाईकोर्ट की शरण भी लेनी पड़ी। आरोपियों ने अपना प्रभाव दिखाया और जांच पटियाला एसएसपी के पास ट्रांसफर करवा दी। पीड़ित पक्ष ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की और पटियाला एसएसपी के पास फेयर जांच न होने की आशंका जताई। हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच तीसरे जिले यानी संगरूर के एसएसपी से करवाने को कहा। एसएसपी संगरूर ने मामले की जांच की और उस जांच रिपोर्ट के आधार पर 6 जनवरी को मलेरकोटला के सिटी-1 थाने में एफआईआर दर्ज की गई। उसी FIR के आधार पर दोनों पति- पत्नी को वृंदावन में रेड मारकर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की पुष्टि डीएसपी मानवजीत सिंह सिद्धू ने की है। क्या है ठगी का पूरा मामला, सिलसिलेवार समझिए… अलग-अलग समय पर ट्रांसफर की गई राशि का ब्यौरा पढ़िए… जुलाई 2022: शुरुआत में फाइल प्रोसेस करने के नाम पर 52 हजार 700 रुपए गुरविंदर सिंह और कंवरजीत सिंह के खातों में डलवाए गए। अगस्त 2022: मलेरकोटला के ही एक एजेंट आशीष गोयल (अग्रवाल सॉल्यूशंस) के जरिए 6 लाख 16 हजार नकद सौरव गुप्ता तक पहुंचाए गए। जनवरी 2023: सचिन गुप्ता के कर्मचारी विजय कुमार के नाम पर करीब 1 लाख 24 हजार 425 रुपए गूगल-पे और बैंक ट्रांसफर के जरिए लिए गए। सितंबर 2023: मलेरकोटला के ‘रत्ना रिसॉर्ट’ के पास सौरव गुप्ता के कर्मचारी अनिल कुमार को 6 लाख 65 हजार रुपए नकद थमाए गए। साल 2024 : मार्च से अप्रैल 2024 के बीच आरोपियों ने दबाव बनाकर लाखों रुपए अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करवाए। इसमें सौरव गुप्ता की पत्नी प्रगति गुप्ता के खाते में 3 लाख 32 हजार 500 रुपए, उत्तर प्रदेश (कन्नौज) निवासी रिश्तेदार दीपाली गुप्ता और मधुकर कौशल के खातों में 11.30 लाख रुपए और पटियाला निवासी रानी व खुशी के खातों में 2 लाख रुपए भेजे गए। कुल मिलाकर जुलाई 2024 तक पीड़ित परिवार से 42 लाख 05 हजार 392 रुपए वसूल लिए गए। पेमेंट ली, लेकिन न वीजा दिया न पैसे लौटाए 2024 में पेमेंट पूरी देने के बाद रोहित कुमार ने जब आरोपियों से वीजा मांगा तो उन्होंने वीजा देने से आनाकानी करनी शुरू कर दी। कई चक्कर लगाए लेकिन उन्होंने वीजा नहीं दिया। उसके बाद रोहित कुमार ने उनसे पैसे मांगे तो उन्होंने पैसे भी नहीं दिए। एसएसपी मलेर कोटला को दी शिकायत रोहित कुमार ने अपने जिले मलेर कोटला के एसएसपी को धोखाधड़ी की शिकायत दी। एसएसपी मलेर कोटला ने एसपी इंवेस्टिगेशन से इस मामले की जांच शुरू करवाई। जांच शुरू होते ही आरोपियों ने इसकी जांच पटियाला ट्रांसफर करने की अपील डीआईजी से की। एसएसपी पटियाला के पास ट्रांसफर हुई जांच पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने अपनी पहुंच का इस्तेमाल करके जांच पटियाला एसएसपी के पास ट्रांसफर करवाई जबकि एसएसपी मलेर कोटला जांच को लगभग पूरा कर चुके थे। हाई कोर्ट पहुंचा परिवार, जांच प्रभावित करने का आरोप रोहित कुमार का आरोप है कि आरोपियों ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर जांच को मलेरकोटला से हटाकर पटियाला ट्रांसफर करवा दिया। पीड़ित परिवार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पटियाला पुलिस में आरोपियों के मजबूत संबंध हैं और वहां जांच निष्पक्ष नहीं होगी। याचिकाकर्ता ने कहा कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि वे पुलिस रिपोर्ट को अपने पक्ष में करवा लेंगे। हाईकोर्ट का आदेश और डीआईजी की कार्रवाई हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आदेश दिया कि इस पर एक महीने के भीतर ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ जारी किया जाए। इसके बाद डीआईजी पटियाला रेंज ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मामले को तीसरे जिले यानी संगरूर को ट्रांसफर कर दिया। 1 जनवरी 2026 को एसएसपी संगरूर ने जांच पूरी की एसएसपी संगरूर ने मामले की जांच पूरी करके एक जनवरी 2026 को अपनी रिपोर्ट डीआईजी को सौंपी। उसके बाद 6 जनवरी को आरोपी सचिन गुप्ता, सौरव गुप्ता व उसकी पत्नी प्रगति गुप्ता के खिलाफ मलेर कोटला में एफआईआर दर्ज हुई। 15 बैंक खातों में पैसे हुए ट्रांसफर एसएसपी संगरूर की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पीड़ित परिवार को विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की है। आरोपियों ने अपने कर्मचारियों और रिश्तेदारों के कम से कम 15 अलग-अलग बैंक खातों का उपयोग कर पैसे की लेयरिंग की है ताकि पकड़ा न जा सके। पटियाला से कामकाज समेटकर भागे वृंदावन जैसे- जैसे आरोपियों के खिलाफ मामले की जांच आगे बढ़ी वैसे-वैसे आरोपियों ने पंजाब से भागने की प्लानिंग शुरू की। मलेरकोटला पुलिस ने वृंदावन की हाईराइज हाउसिंग सोसाइटी हरे कृष्णा आर्किड से दोनों को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि दोनों काफी समय से वहीं पर रह रहे थे। अवैध तरीके से चला रहे थे सोसाइटी में होटल पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपियों की ढूंढखोज शुरू की तो पुलिस को सूचना मिली कि वो वृंदावन में हैं। मंगलवार को मलेरकोटला पुलिस ने सूचना के आधार पर वृंदावन में रेड की। मुख्य आरोपी सौरभ गुप्ता अपनी पत्नी प्रगति गुप्ता के साथ विगत डेढ़ वर्ष से हरे कृष्णा आर्किड में रह रहा था। जानकारी के अनुसार यह फ्लैट उसके किसी रिश्तेदार के नाम पर है। शातिर पति- पत्नी द्वारा हाईराइज हाउसिंग सोसाइटी में करीब एक दर्जन से अधिक फ्लैट किराए पर लेकर निजी रूप से होटल भी संचालित किया जा रहा था। गिरफ्तारी के वक्त पुलिस को आरोपियों से 12 फ्लैटों की चाबियां भी मिली हैं।


