हिमाचल में मार्च में अप्रैल जैसी गर्मी:कल्पा के टैम्परेचर में 13.4॰C का उछाल, 7 शहरों में तापमान 30॰ पार, 2 दिन बाद बारिश-बर्फबारी

हिमाचल प्रदेश में मौसम बदलने से पहले तापमान में भारी उछाल आया है। राज्य के कई शहरों का अधिकतम तापमान सामान्य से 14 डिग्री सेल्सियस तक अधिक हो गया है। कल्पा के मैक्सिमम टैम्परेचर में नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 13.4 डिग्री का उछाल आने के बाद पारा 22.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। हालांकि, 20 मार्च 2010 को कल्पा का रिकॉर्ड टैम्परेचर 24.4 डिग्री है। मगर मार्च के पहले सप्ताह में पूर्व में कभी भी कल्पा का अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री तक नहीं गया। इससे कल्पा में मार्च के पहले सप्ताह में ही अप्रैल जैसी गर्मी का असर दिखने लगा है। शिमला का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 8.9 डिग्री के उछाल के बाद 24.1 डिग्री हो गया है। शिमला में भी मार्च के पहले सप्ताह में इतना अधिक तापमान पूर्व में रिकॉर्ड नहीं किया गया। हालांकि शिमला का मार्च का रिकॉर्ड टैम्परेचर 27 मार्च 2004 को 27.2 डिग्री सेल्सियस है। मनाली का मैक्सिमम टैम्परेचर नॉर्मल से 9.6 डिग्री ज्यादा मनाली का अधिकतम तापमान भी सामान्य की तुलना में 9.6 डिग्री ज्यादा के साथ 24.0 डिग्री हो गया है। इसी तरह, अन्य शहरों के तापमान में उछाल आया है। राज्य के 7 शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। बीते 24 घंटे में सुंदरनगर व नेरी का सर्वाधिक 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इस तरह बुधवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया। 2 दिन बाद बदलेगा मौमस मौसम विभाग की माने तो 2 दिन बाद मौसम बदलने वाला है। राज्य में सात मार्च से एक फ्रैश वेस्टर्न डिस्टरबेंस (WD) एक्टिव हो रहा है। इसका असर अगले चार दिन तक रहेगा। सात व आठ मार्च को WD कमजोर रहेगा। इन दो दिनों के दौरान लाहौल स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में ही मौसम खराब रहेगा। 10 मार्च को पूरे प्रदेश में बारिश के आसार 9 और 10 मार्च को WD थोड़ा स्ट्रॉन्ग होगा। विशेषकर 10 मार्च को इसका असर प्रदेश के ज्यादातर भागों में दिखेगा। इस दौरान अधिक ऊंचे भागों में हल्का हिमपात और अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार है। इसके बाद तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी। प्रदेश के किसान-बागवान और पर्यटन कारोबारी लंबे समय से बारिश-बर्फबारी के इंतजार में है। राज्य के अधिकांश भागों में 23 और 28 जनवरी को अच्छी बारिश-बर्फबारी जरूर हुई है। मगर फरवरी में न के बराबर बादल बरसे है। इससे सूखे जैसे हालात पनपने लगे है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *