मैहर जिले के मुकुंदपुर और लालपुर स्थित श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर में होली के दूसरे दिन पारंपरिक ‘अटका महापर्व’ आयोजित किया गया। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ को कढ़ी-भात का विशेष महाप्रसाद अर्पित किया गया। महापर्व में 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। मुकुंदपुर मंदिर में 2035 तक बुकिंग मुकुंदपुर के जगन्नाथ मंदिर में महाप्रसाद चढ़ाने के लिए भक्तों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वर्तमान में यहां अटका चढ़ाने की बुकिंग वर्ष 2035 तक के लिए पूर्ण हो चुकी है। अब आवेदन करने वाले नए श्रद्धालुओं को प्रसाद अर्पित करने का अवसर वर्ष 2036 में प्राप्त होगा। लालपुर मंदिर में 2030 तक का समय तय लालपुर स्थित मंदिर में भी महाप्रसाद के लिए श्रद्धालुओं की भारी संख्या में अग्रिम बुकिंग है। मंदिर समिति के अनुसार, यहाँ वर्ष 2030 तक का समय पहले से ही आरक्षित किया जा चुका है। साल में केवल एक बार ही भगवान को यह विशेष भोग लगाया जाता है। 7 साल के इंतजार के बाद मिला अवसर महाप्रसाद चढ़ाने के लिए प्रत्येक भक्त को मंदिर समिति में 5000 रुपए शुल्क के साथ आवेदन करना होता है। हाल ही में कसतरा जमुना निवासी जीतेंद्र सिंह को 7 वर्ष के इंतजार के बाद अटका चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। समिति प्रतिवर्ष किसी नए भक्त को ही यह अवसर प्रदान करती है। महाराजा भाव सिंह ने की थी स्थापना रीवा रियासत के महाराजा भाव सिंह जू देव ने 1680-81 के दौरान इन मंदिरों का निर्माण कराया था। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, महाराजा स्वयं जगन्नाथपुरी से भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की प्रतिमाएं लाए थे। मंदिर में पहली बार अटका चढ़ाने की परंपरा भी उन्होंने ही शुरू की थी।


