डीग में शहर के सुनियोजित विकास और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मास्टर प्लान लागू किया है। इसके तहत शहर की प्रमुख सड़कों की चौड़ाई पहले से ही निर्धारित कर दी गई है। इस मास्टर प्लान के अनुसार, विभिन्न मार्गों पर सड़क के केंद्र से दोनों ओर निश्चित दूरी तक निर्माण और अतिक्रमण संबंधी प्रावधान लागू रहेंगे। मास्टर प्लान के तहत, ऐतिहासिक महल के चारों ओर सड़क की चौड़ाई केंद्र से दोनों तरफ 60-60 फीट (कुल 120 फीट) निर्धारित की गई है। इसी प्रकार, धोबी मोड़ से लाल कोठी होते हुए निर्माणाधीन बस स्टैंड तक और बस स्टैंड से नगर रोड एवं भरतपुर रोड तक भी सड़क की चौड़ाई केंद्र से दोनों ओर 60-60 फीट रहेगी। शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर सड़क की चौड़ाई केंद्र से दोनों ओर 40-40 फीट (कुल 80 फीट) तय की गई है। इनमें पुराने बस स्टैंड पर नेमी कचौरी वाले से लोहा मंडी तिराहे स्थित गोरी पान वाले तक का मार्ग शामिल है। इसके अलावा गणेश मंदिर से कामां गेट तक, किशन लाल जोशी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से कामां बाईपास होते हुए कामां गेट तक, ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर से घंटाघर, लोहा मंडी होते हुए पुरानी डीग बजरिया तक और खंडेलवाल पेड़ा वाले से पुरानी डीग, दिल्ली दरवाजा तथा इकलेरा रोड तक भी सड़क की चौड़ाई 40-40 फीट निर्धारित है। धोबी मोड़ से फायर स्टेशन गोवर्धन रोड तक का मार्ग भी इसी श्रेणी में आता है। नगर परिषद के वरिष्ठ प्रारूपकार गौरव जांगिड़ ने बताया कि यह मास्टर प्लान पहले वर्ष 1997 से 2023 तक प्रभावी था, जिसे 2023 में बढ़ाकर वर्ष 2031 तक कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य शहर के समग्र विकास के साथ-साथ यातायात, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
नगर परिषद ने नागरिकों से अपील की है कि वे मास्टर प्लान के प्रावधानों का पालन करें, ताकि डीग शहर का विकास योजनाबद्ध और सुव्यवस्थित रूप से हो सके।


