लुधियाना में होली के मौके पर शरारती तत्वों ने जमकर हंगामा किया। शहर में 150 से अधिक जगहों पर लड़ाइयों रिपोर्ट की गई। होली पर लड़ाई के ये वो मामले हैं जो कि सिविल असपताल में मेडिको लीगल रिपोर्ट बनवाने आए। जबकि कई ऐसे मामले भी हैं जिनको रिपोर्ट ही नहीं किया गया। होली के दौरान शहर में मारपीट, झगड़ों और सड़क हादसों के कई मामले सामने आए। बुधवार को सिविल अस्पताल लुधियाना की इमरजेंसी में लगभग 150 मेडिको-लीगल रिपोर्ट (MLR) दर्ज की गईं। दोपहर से देर रात तक अस्पताल परिसर में भारी भीड़ रही, जहां घायलों को लाने वालों की लंबी कतारें लगी थीं। सिविल अस्पताल चौकी इंचार्ज राज कुमार ने बताया कि त्योहारों के दिनों में झगड़ों के मामले सामान्य दिनों की तुलना में अधिक होते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और पुलिस प्रशासन मुस्तैद था। रंग लगाने को लेकर विवाद, नशे की हालत और तेज रफ्तार वाहन चलाने जैसे कारणों से स्थिति बिगड़ी। कई युवकों को सिर, चेहरे और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं। इमरजेंसी वार्ड में सुबह से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कई घायल खून से लथपथ अस्पताल लाए गए। कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर मामलों में लंबे उपचार की आवश्यकता पड़ी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, स्टाफ पर सामान्य से अधिक दबाव था। पुलिस ने होली के दिन शहर में कुल पांच मौतें दर्ज होने की जानकारी दी। इनमें दो सड़क हादसे, एक अज्ञात शव, एक जहरीला पदार्थ निगलने से हुई मौत और एक ऊंचाई से गिरने का मामला शामिल है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि त्योहार के दौरान लापरवाही, नशे की हालत में वाहन चलाना और अनदेखी इन गंभीर घटनाओं के मुख्य कारण थे। सभी मामलों की जांच जारी है और प्रभावित परिवारों को आवश्यक कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है।


