सिर पर बिना बाल की महिला को देखकर आया बिजनेस-आइडिया:मां की सिलाई मशीन से बनाया पहला विग, मंदिरों से खरीदे बाल; पहली कस्टमर बुआ बनीं

मैंने रिश्तेदार की शादी में एक महिला को देखा था। वह उदास और झिझकी हुई सी एक कुर्सी पर बैठी थी। बार-बार सिर को चुन्नी से कवर कर रही थी। उसके सिर पर बाल नहीं थे। उस महिला को देखकर हेयर एक्सटेंशन का काम करने की ठानी थी। शुरुआत में घर के गेस्ट रूम और मां की सिलाई से काम शुरू किया था। पहली कस्टमर मेरी बुआ थी। उन्होंने 500 रुपए में हेयर एक्सटेंशन खरीदा था। आज ‘द शैल हेयर’ के नाम से खुद की कंपनी है, जिसका टर्नओवर 10 करोड़ से ज्यादा का है। हेयर एक्सटेंशन बनाने के लिए बालों को तिरुपति बालाजी मंदिर सहित साउथ इंडिया के अन्य मंदिरों से खरीदते है। वर्तमान में सोनी टीवी के रियलिटी शो ‘शार्क टैंक’ के जज अमन गुप्ता के साथ मिलकर बिजनेस कर रही हूं। ये बिजनेस वूमेन अजमेर की रहने वाली 27 साल की शैली बूलचंदानी है। भास्कर से बात करते हुए उन्होंने अपने इस पूरे सफर के बारे में बताया- हेयर एक्सटेंशन क्या होता है? शैली बूलचंदानी बताती है कि अब हेयर एक्सटेंशन का काफी चलन है। बाल हल्के, पतले और छोटे होते हैं, तब महिलाएं अक्सर बालों को वॉल्यूम देने के लिए रियल हेयर एक्सटेंशन करवाती हैं। हेयर एक्सटेंशन अलग-अलग तरीके से बनते है। आपको केवल फ्रंट कवर करना है या पीछे के बालों को हैवी दिखाना है तो उसके लिए अलग बनते है। इसे इस तरीके से समझ सकते है कि विग पूरे बालों में लगता है। वहीं हेयर एक्सटेंशन आपके पर्टिकुलर एरिया को कवर कर सकता है। हेयर एक्सटेंशन 2 तरह के होते हैं-टेंपरेरी और परमानेंट। टेंपरेरी हेयर एक्सटेंशन को रोजाना अटैच कर सकते और उतार सकते हैं। यह बालों में क्लिप के जरिए अटैच किए जाते हैं। प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण, ऐश्वर्या राय जैसे कई सेलिब्रिटी भी इसका इस्तेमाल कर चुके हैं। 2 हजार रुपए में बाल खरीदकर काम शुरू किया था शैली बूलचंदानी अजमेर शहर के वैशाली नगर में रहती हैं। स्कूल और ग्रेजुएट सोफिया से किया है। आर्यन कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएट किया है। परिवार में पिता दिलीप कुमार एक होटल मालिक है। मां नेहा बूलचंदानी हाउसवाइफ है और भाई सीए है। शैली ने बताया कि वह 20 साल की थी। तब हेयर एक्सटेंशन का काम शुरू किया था। उस समय एक कंपनी में इंटर्न थी। महीने के 5 हजार कमाती थी। 2 हजार रुपए इकट्‌ठा करके स्टार्टअप शुरू किया था। उन पैसों से बालों को खरीदा और हेयर एक्सटेंशन बनाना शुरू किया था। वर्तमान में जयपुर के सी-स्कीम 22 गोदाम पर शोरूम है, जिसे फरवरी में ही शुरू किया है। कंपनी का नाम ‘द शैल हेयर’ है। रिश्तेदार की शादी में मिली महिला से आइडिया आया शैली ने बताया कि साल 2020 में कोविड के दौरान एक रिश्तेदार की शादी थी। वहां एक महिला दिखीं, जो अकेली साइड में कुर्सी पर बैठी थी। वह काफी असहज लग रही थी। बार-बार सिर पर चुन्नी रख रही थीं, लेकिन वह फिसलकर नीचे गिर जा रही थी। तब ध्यान गया कि उनके सिर पर बाल नहीं थे। मैं उनके पास जाकर बैठ गई और बातचीत शुरू की। तब उन्होंने बताया कि वे एलोपेसिया की बीमारी से ग्रस्त हैं। इस बीमारी के कारण उनके बाल झड़ गए थे। उनका इलाज चल रहा था। शैली ने बताया कि घर आने के बाद भी वह उस महिला के बारे में सोचती रही। तब उन्हें लगा कि हेयर एक्सटेंशन की कितनी जरूरत है। बाजार जाकर महिलाओं के लिए हेयर एक्सटेंशन देखे, लेकिन वे हाई क्वालिटी के थे और उनकी कीमत भी काफी ज्यादा थी। इसके बाद उन्होंने हेयर एक्सटेंशन पर काम करने का ठान लिया। मां की सिलाई मशीन से बनाया पहला हेयर विग शैली ने बताया कि जब परिवार को इस बारे में बताया, तो मां नाराज थी। बोलती थी कि टाइम वेस्ट कर रही है लेकिन पिता का सपोर्ट था। शुरुआत में घर के गेस्ट रूम से ही काम करना शुरू किया था। मां की सिलाई मशीन से काम करती थी लेकिन हेयर विग ठीक ढंग से नहीं बनने के कारण बाल खराब हो जाते थे। 10 से 12 बार गलत बनने के बाद आखिर में सही हेयर एक्सटेंशन तैयार हुआ था। जब पहला प्रोडक्ट तैयार हुआ तो बुआ को 500 रुपए में बेचा था। बुआ ने मोटिवेट किया। इसके बाद मां का भी सपोर्ट मिलना शुरू हो गया था। तिरुपति बालाजी मंदिर से खरीदते बाल शैली ने बताया कि मार्केट में बड़ा कंपटीशन था। इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप के माध्यम से हेयर विग को बेचना शुरू किया था। मार्केट में कंपटीशन होने के कारण अलग-अलग कंपनियों से उनका प्रोडक्ट चेक करने के लिए फेक ऑर्डर तक मिलते थे। तब बड़ी कंपनियों के बारे में जानकारी जुटाई। उनके काम के तरीके को समझा और अपनी अर्निंग से तिरुपति बालाजी मंदिर सहित साउथ इंडिया के अन्य मंदिरों से बाल खरीदकर तरह-तरह के हेयर एक्सटेंशन बनाना शुरू किया। दिनों दिन ऑर्डर बढ़ते चले गए। इसके बाद 30 महिलाओं को अपने साथ जोड़कर ‘द शैल हेयर’ को शुरू किया। जिसका टर्नओवर 10 करोड़ से ज्यादा का है। कंपनी ऑनलाइन ऑर्डर लेती है। अजमेर शहर में एक गोदाम है, वहां से भी काम होता है। ‘शार्क टैंक’ सीजन 3 में हुई सिलेक्ट शैली ने बताया कि हेयर एक्सटेंशन के साथ विग और हेयर टॉप बनाना भी शुरू किया। देश के कई बड़े स्टोर्स से ऑनलाइन ऑर्डर मिलने लगे। दूसरे देशों में प्रोडक्ट पसंद आया, वहां से भी ऑर्डर मिलने लगे। वर्तमान में फैक्ट्री में हैंडमेड विग, हेयर एक्सटेंशन और हेयर टॉप्स बनाए जाते हैं। इस कारण ही 2023 में सोनी टीवी के रियलिटी शो ‘शार्क टैंक’ के एपिसोड में जाने का मौका मिला, जिसमें वह सिलेक्ट हो गई। तब से ‘शार्क टैंक’ के जज अमन गुप्ता के साथ मिलकर अपना बिजनेस कर रही है। शैली ने बताया कि ‘शार्क टैंक’ में सिलेक्ट होने के बाद उनकी कंपनी को और ज्यादा पहचान मिली है।

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