चंडीगढ़ में इस बार होली का रंग कुछ अलग ही नजर आया। पहली बार चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया होली के दिन सीधे लोगों के बीच पहुंचे और आम जनता के साथ त्योहार मनाया। उनके इस कदम ने न केवल लोगों को चौंकाया, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी भी कम होती दिखाई दी। होली के मौके पर प्रशासक जब लोगों के बीच पहुंचे तो छोटे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने उन्हें रंग लगाया। इस दौरान कटारिया के चेहरे पर मुस्कान साफ नजर आई और उन्होंने सभी को होली की शुभकामनाएं दीं। लोगों ने उन्हें भुजिया और विभिन्न मिठाइयां खिलाकर मुंह मीठा करवाया। स्थानीय निवासी गुरनाम सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार देखा है कि इतना बड़ा अधिकारी खुद लोगों के बीच आकर होली मना रहा है। उन्होंने कहा कि यह आम जनता के लिए सुखद अनुभव रहा। जनता दरबार से बदली व्यवस्था लोगों का कहना है कि प्रशासक के कार्यकाल में प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव दिख रहा है। हर बुधवार जनता दरबार लगाया जा रहा है, जिसमें संबंधित अधिकारियों को भी बैठाया जाता है ताकि लोगों की समस्याएं सीधे सुनी जा सकें। पहले जहां लोग अधिकारियों से मिलने के लिए घंटों इंतजार करते थे और कई बार बिना समाधान के लौट जाते थे, वहीं अब शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो रही है। प्रशासक मौके पर ही संबंधित अधिकारी को फोन कर कार्रवाई के निर्देश देते हैं। यदि किसी मामले में लापरवाही पाई जाती है तो उसकी रिपोर्ट तलब कर चेतावनी दी जाती है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाती है। होली के दिन लोगों के बीच पहुंचना और लगातार जनता दरबार लगाना, प्रशासन की कार्यशैली में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। शहरवासियों का कहना है कि इससे अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ी है और समस्याओं का समाधान पहले की तुलना में तेजी से हो रहा है।


