कोटा के विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल चम्बल रिवर फ्रंट के संचालन को लेकर केडीए को फिर से टेंडर करने पडे़ंगे। इसके संचालन के लिए किए गए टेंडर में शामिल हुई दोनों फर्म तकनीकी बिड में ही फेल हो गई। इसके चलते केडीए को फिर से तीसरी बार टेंडर करना पडे़गा। केडीए की ओर से रिवर फ्रंट का संचालन एक ही फर्म के माध्यम से करने के मकसद से इसका टेंडर डॉक्युमेंट तैयार किया गया था। इसे ऑनलाइन अपलोड कर टेंडर आमंत्रित किए गए थे। केडीए की ओर से 10 फरवरी को खोले गए टेंडर में लखनऊ व जयपुर की फर्मों ने टेंडर डाला था। ऑनलाइन होने से फर्मों के टेंडर दस्तावेजों को अपलोड किया गया। उनके दस्तावेजों की जांच की गई। इसमें कई तकनीकी खामियां होने व टेंडर शर्तों के अनुरूप दस्तावेज नहीं होने से पहले चरण में ही दोनों फर्मे फेल हो गई। इसकी उनकी वित्तीय बिड खोलने का नम्बर ही नहीं आया। रिवर फ्रंट संचालन का टेंडर दूसरी बार निरस्त हुआ है। इससे पहले किए गए टेंडर में केवल जयपुर की एक ही फर्म ने हिस्सा लिया था। लेकिन उस समय भी फॉर्म के फेल होने पर टेंडर को निरस्त करना पड़ा था। रिवर फ्रंट संचालन का टेंडर नहीं होने तक फिलहाल केडीए को ही इसका संचालन करना होगा। हालांकि केडीए को हर महीने एक से डेढ़ करोड़ रुपए का नुकसान भुगतना पड़ रहा है। हालांकि केडीए व जिला प्रशासन की ओर से रिवर फ्रंट को देशी विदेश में प्रचारित करने के लिए यहां ट्रेवल मार्ट व कोटा महोत्सव समेत कई आयोजन किए जा रहे हैं। केडीए के सचिव मुकेश चौधरी के अनुसार लखनऊ व जयपुर की फर्म फेल हो गई है। ऐसे में अब नए सिरे से दोबारा टेंडर किया जाएगा।


