राजस्थान-समय से पहले खिले फूल से भीषण गर्मी का इशारा:अप्रैल बाद तापमान 50 डिग्री पार रहने की संभावना, जानिए- क्यों गरम हो रहा राजस्थान

राजस्थान में इस बार 2026 की गर्मी पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है। वैज्ञानिक अनुमान और पर्यावरणीय संकेत दोनों इस ओर इशारा कर रहे हैं कि इस बार ‘अर्ली और एक्सट्रीम समर’ के लिए तैयार रहना होगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि रोहिड़ा (टीक का पेड़) के पेड़ों में फूल समय से पहले आ रहे हैं, यह संकेत पर्यावरण के हिसाब से अनुकूल नहीं है। इससे अनुमान है कि मौसम में बड़ा फेरबदल होगा और भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के साथ पर्यावरण विशेषज्ञ और ज्योतिषियों का आकलन है कि इस बार तापमान पिछले सालों की तुलना में ज्यादा रह सकता हैं। हीट वेव के दिन भी ज्यादा रहेंगे। यानी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अप्रेल के बाद तापमान 50 से 55 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता हैं। ‘लॉन्ग रेंज फॉरकास्ट’ में हीटवेट की चेतावनी
मौसम विभाग ने मार्च- मई तक का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। इसमें इस बार की गर्मी पिछले सालों की तुलना में ज्यादा हॉट होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है- अभी जारी चेतावनी ‘लॉन्ग रेंज फॉरकास्ट’ है, यानी समय से काफी पहले की घोषणा है, जिसमें आंशिक परिवर्तन हो सकता है। इसके बाद भी मानना पड़ेगा कि इस बार गर्मी काफी तेज रह सकती है। यह हैं मौसम विभाग का मार्च से मई तक का आकलन जानलेवा लू चलने की आशंका
मार्च से मई के बीच उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भारत में लू के दिनों की संख्या सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना।
अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका है। औसत बारिश होने का अनुमान मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है- इस बार मार्च में देशभर में औसत वर्षा सामान्य रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा के संकेत। राजस्थान में प्री-मानसून बारिश सीमित रहने पर तापमान और तेजी से चढ़ सकता है। पर्यावरण एक्सपर्ट्स बोले- प्रकृति दे रही बदलाव का संकेत महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विभागाध्यक्ष अनिल छंगाणी के अनुसार भी इस बार गर्मी काफी तेज रहेगी। तापमान 50 से 55 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता हैं। उनका दावा है कि अप्रैल में ही गर्मी अपना रौद्र रूप दिखा सकती है। छंगाणी ने कहा कि हम फरवरी में ही पंखे चला रहे हैं। छंगाणी का कहना है- हर बार प्रकृति संकेत देती है कि मौसम कैसा रहेगा? इस बार भी प्रकृति ने संकेत दिए हैं कि जबरदस्त गर्मी होगी। उन्होंने बताया कि इस बार रोहिडा के पेड़ों में जो मार्च में आने वाले थे, वह फरवरी से पहले ही आने लगे हैं। फरवरी में ही पंखे चालू हो गए। पक्षियों की नेस्टिंग जल्दी शुरू हो गई। कोबरा जैसे सरीसृप समय से पहले बाहर दिखाई दे रहे हैं। यह सब असामान्य तापमान वृद्धि के संकेत हैं। इस बार अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी पड़ सकती है और पारा 50–55°C तक जा सकता है। ज्योतिष के ग्रहों में सूर्य के उग्र रहने की आशंका
ज्योतिषाचार्य हरिनारायण व्यास मन्नासा का मानना है- फरवरी-मार्च से पश्चिमी राजस्थान में एंटी साइक्लोन सर्कुलेशन प्रभावी हो सकता है। मंगल, शनि और राहु-केतु की स्थिति हीटवेव को बढ़ा सकती है। पूरे राजस्थान में बिगड़ सकते है हालात हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने एक वजह ग्लोबल वार्मिंग को भी माना है। उनका कहना है कि तेजी से गर्म गैसों का उत्सर्जन हो रहा है, जिससे पूरा परिसंचरण तंत्र बिगड़ रहा है। इसके कारण भारत सहित पूरी दुनिया में हालात तेजी से बदल रहे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *