खाड़ी युद्ध से गिरिडीह के परिवारों में बढ़ी चिंता:आबूधाबी-दुबई में कार्यरत दो भाइयों की सुरक्षा पर सरकार से मदद की अपील

खाड़ी देशों में जारी युद्ध और लगातार बमबारी की खबरों ने गिरिडीह के कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के विभिन्न प्रखंडों के ऐसे परिवार, जिनके सदस्य रोजगार के लिए खाड़ी देशों में रह रहे हैं, इन दिनों अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। युद्ध से जुड़ी खबरें टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद यह चिंता और बढ़ गई है। गिरिडीह शहर के वार्ड नंबर 16 स्थित आजाद नगर निवासी सन्नी और शम्मी भी उन भारतीयों में शामिल हैं, जो पिछले कुछ वर्षों से खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। सन्नी आबूधाबी में एक कंपनी में अकाउंट से संबंधित कार्य करते हैं, जबकि उनके छोटे भाई शम्मी दुबई के एक बैंक में कार्यरत हैं। मौजूदा युद्ध की स्थिति ने उनके परिवार की चिंता बढ़ा दी है। परिजन दिनभर टीवी और मोबाइल पर खबरें देखते रहते हैं: अंसार अहमद दोनों भाइयों के पिता अंसार अहमद ने बताया कि युद्ध की खबरें सामने आने के बाद से परिवार में चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि परिजन दिनभर टीवी और मोबाइल पर खबरें देखते रहते हैं और बेटों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। वे लगातार फोन के माध्यम से अपने बेटों से संपर्क में हैं। अंसार अहमद ने केवल अपने बेटों के लिए ही नहीं, बल्कि खाड़ी देशों में कार्यरत सभी भारतीयों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि यदि स्थिति और गंभीर होती है, तो वहां रह रहे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सरकार से देश में ही युवाओं के लिए बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि उन्हें विदेश जाने की आवश्यकता न पड़े। अंसार अहमद ने बताया कि वे अपने बच्चों को विदेश नहीं भेजना चाहते थे, लेकिन शिक्षा ऋण और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्हें बाहर काम करने जाना पड़ा। युद्ध और बमबारी की खबरें सुनकर काफी डर लगता है वहीं, दोनों भाइयों की मां सलेहा परवीन ने कहा कि युद्ध और बमबारी की खबरें सुनकर काफी डर लगता है। उन्होंने बताया कि एक मां होने के नाते हर समय मन में चिंता बनी रहती है, लेकिन उन्हें अपने बेटों पर और वहां की व्यवस्था पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि उन्हें यूएई की व्यवस्था और देश की नरेंद्र मोदी सरकार पर पूरा विश्वास है कि अगर कोई संकट की स्थिति आती है तो भारतीयों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। परिजनों ने कहा कि वे अपने बेटों से संपर्क में हैं और फिलहाल दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन युद्ध की खबरों के बीच परिवार के लोगों की चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही है।

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