शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के ननखड़ी क्षेत्र से सटे देलठ और नालाबन साइड के जंगल भीषण आग की चपेट में हैं। हरे-भरे वन धू-धू कर जल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। आग लगातार फैल रही है और इसने बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से इस गंभीर स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की मौके पर सक्रिय उपस्थिति नहीं दिख रही है। कुछ स्थानों पर आग शांत होने के बाद अधिकारियों की केवल औपचारिक उपस्थिति और ‘फोटोशूट’ की चर्चाएं भी लोगों में असंतोष बढ़ा रही हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने सरकार, वन विभाग, स्थानीय निकायों और सामाजिक संस्थाओं को शामिल करते हुए एक व्यापक एक्शन टीम का गठन करने का सुझाव दिया है, जो युद्धस्तर पर आग बुझाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कार्य करे। ग्रामीणों ने यह आशंका भी जताई है कि जंगलों में लगने वाली आग अक्सर मानवीय कारणों से होती है। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका यह आक्रोश किसी निजी द्वेष से नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण की सुरक्षा की चिंता से उपजा है।


