बालोद जिले के डौंडी जनपद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। जिसके बाद कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन कार्यालय की कुर्सियां फेंकी और निर्वाचन अधिकारियों से धक्का मुक्की की। कांग्रेसियों का कहना कि उन्हें स्पष्ट बहुमत मिल रहा था, बीजेपी हार रही थी इसलिए चुनाव रोक दिया गया। पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया अपने समर्थकों के साथ 5 घंटे तक जनपद पंचायत के बाहर धरने पर बैठी रही। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव अब 10 मार्च को होगा। ये है पूरा मामला बुधवार सुबह 10 बजे जनपद पंचायत में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होना था। कांग्रेस समर्थित जनपद सदस्य पहले सभाकक्ष में पहुंचे। इसके बाद भाजपा के सदस्यों का आना हुआ। लेकिन जब सभाकक्ष में निर्वाचन अधिकारी पहुंचे तो उन्होंने चुनाव को अपरिहार्य कारणों से स्थगित करते हुए 10 मार्च की तारीख बता दो। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ। हार के डर से चुनाव रोका गया – कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर ने कहा कि कांग्रेस समर्थित 9 जनपद सदस्यों की स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद चुनाव बीच में रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा निर्वाचन अधिकारी पर दबाव बनाकर चुनाव प्रक्रिया को बाधित कराया गया। क्योंकि हार के डर से भाजपा इसे रोकना चाहती थी। धरने पर बैठी विधायक डौंडीलोहारा की विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिला भेड़िया अपने समर्थकों के साथ जनपद के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गईं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 5 घंटे तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस समर्थित 9 जनपद सदस्यों ने जिला पुलिस अधीक्षक को सुरक्षा की मांग करते हुए आवेदन भी सौंपा। जिसके बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। लोकतंत्र की हत्या है – अनिला भेड़िया विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि यह भाजपा सरकार की लोकतंत्र विरोधी साजिश है। संविधान की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। कांग्रेस का बहुमत होते हुए भी चुनाव को स्थगित कर दिया गया। जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव कृष्णा दुबे, जिला महामंत्री रतिराम कोसमा, पीयूष सोनी, काशीराम निषाद, रवि जायसवाल, जतिन भेड़िया, संजय चंद्राकर, प्रमोद दुबे, संतोष पांडे, मुरलीधर भुवार्य, ब्लॉक अध्यक्ष कोमेश कोर्राम, प्रकाश आर्य धरने पर बैठे रहे।


