नागौर जिले में गुरुवार सुबह कोर्ट सुरक्षा को लेकर बड़ा मामला सामने आया। नागौर और मेड़ता डीजे कोर्ट को ईमेल के जरिए दोपहर 2 बजे 14 साइनाइड बम ब्लास्ट करने की धमकी दी गई। मेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां नागौर कोर्ट परिसर पहुंची और एहतियात के तौर पर पूरा परिसर खाली करवाकर तलाशी शुरू की। बार संघ ने भीड़ से बचने के लिए गुरुवार को कोर्ट का काम स्थगित रखने का फैसला लिया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है और जांच जारी है। सुबह ईमेल से मिली धमकी, दोपहर 2 बजे ब्लास्ट की बात जानकारी के अनुसार 5 मार्च की सुबह कोर्ट की ईमेल आईडी से एक मेल आया। इसमें लिखा गया कि ठीक दोपहर 2 बजे कोर्ट परिसर में 14 साइनाइड बम ब्लास्ट होंगे। मेल में यह भी लिखा गया कि सुरक्षा के लिए सुबह 11 बजे तक सभी लोगों को परिसर से बाहर निकाल लिया जाए। मेल में यह भी दावा किया गया कि इन 14 डिवाइस को लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही नुकसान का अनुमान कोर्ट के अंदर एपिसेंटर से 1.75 किमी रेडियस तक बताया गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की सघन जांच धमकी की सूचना मिलते ही नागौर कोर्ट परिसर में पुलिस पहुंच गई। ट्रेनी आईपीएस अदिति उपाध्याय, कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान, सदर थानाधिकारी सुरेश कस्वां और सीआईडी आईबी टीम भी मौके पर पहुंची। इसके बाद पूरे कोर्ट परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया गया और तलाशी अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर खाली करवाकर जांच शुरू की। वकील और कर्मचारी परिसर से बाहर निकले धमकी की सूचना के बाद वकील और न्यायिक कर्मचारी एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर से बाहर निकल आए। पुलिस ने भी एंट्री रोकते हुए पूरे परिसर को खाली करवा दिया और जांच शुरू की। बम निरोधक दस्ता और विस्फोटक टीमों को भी सूचना दी गई। सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर में जांच कर रही हैं। होली स्नेह मिलन के दौरान मिली जानकारी नागौर बार संघ अध्यक्ष डॉ पवन श्रीमाली ने बताया कि जब न्यायालय में नियमित काम शुरू हुआ और अधिवक्ता होली स्नेह मिलन में व्यस्त थे, तभी न्यायिक अधिकारियों ने उन्हें बुलाकर धमकी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति या डॉन द्वारा दी गई इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एहतियात के तौर पर पूरे न्यायालय परिसर को खाली करवाया गया। वकीलों ने सामूहिक निर्णय लेकर काम रोका बार संघ अध्यक्ष डॉ पवन श्रीमाली ने कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिवक्ताओं ने सामूहिक निर्णय लेकर गुरुवार को न्यायिक कार्य स्थगित कर दिया। इसका उद्देश्य यह था कि कोर्ट परिसर में अनावश्यक भीड़ जमा न हो। उन्होंने परिवादियों को भी सूचित कर दिया कि गुरुवार को पेशियां नहीं होंगी। अफवाह नहीं फैलाने की अपील डॉ श्रीमाली ने सभी अधिवक्ताओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही उसे फैलाएं। उन्होंने कहा कि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे तो तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने बताया कि न्यायालय परिसर के आसपास से भी भीड़ हटाई जा रही है और बार संघ पुलिस प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहा है। मेड़ता कोर्ट को भी मिली इसी तरह की धमकी नागौर के साथ मेड़ता डीजे कोर्ट को भी इसी तरह का ईमेल मिला है। मेल में लिखा गया कि दोपहर 2 बजे कोर्ट में 14 साइनाइड बम ब्लास्ट होंगे और इससे पहले सुबह 11 बजे तक सभी को बाहर निकाल लिया जाए। फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान ने बताया कि कोर्ट परिसर में सघन जांच की जा रही है। अभी तक किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान करने और पूरे मामले की जांच कर रही है।


