छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक व्यक्ति आज बिजली के खंभे में चढ़ गया। इसके बाद उसका हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया, लेकिन उससे पहले बिजली लाईन के सप्लाई को बंद कर दिया गया था। जिससे उसकी जान बच गई। करीब 2 घंटे बाद उसे किसी तरह नीचे उतारा गया। मामला भूपदेवपुर थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को करीब 11 बजे भूपदेवपुर रेलवे स्टेशन से भटकते हुए एक व्यक्ति चपले तक पहुंच गया। जहां वह बिजली खंभे में चढ़ने लगा। तभी उसे लाईनमेन प्रेम यादव और दीपक पटेल ने देख लिया। इससे उसकी स्थिति को भांप कर तत्काल उन्होंने बिजली सप्लाई बंद कर दी और डायल 112 को सूचना दी। ऐसे में मामले की जानकारी मिलते ही आरक्षक सुरेश सिदार और पवन डनसेना मौके पर पहुंचे। उसे नीचे उतरने के लिए कहते रहे, लेकिन उसका हाई वोल्टेज ड्रामा चालू था। बड़ी मशक्कत से नीचे उतारा
इसके बाद किसी तरह सीढ़ी लाकर उसे डायल 112 के आरक्षकों ने ग्रामीणों ने की मदद से करीब 2 घंटे में नीचे उतारा। उसे देखने में पता चला कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और जब उससे उसके बारे में जानकारी लिया गया, तो उसने बताया कि उसका नाम मनोहर लोहारा 52 साल है और वह दतिया, जिला गुमला, झारखंड का रहने वाला है।
पुलिस ने परिजनों से किया संपर्क
मनोहर से पूछने पर वह बताया कि उसने कुछ नहीं खाया है। ऐसे में पुलिस द्वारा उसे खाना खिलाया गया और नए कपड़े भी दिलाए गए। इसके बाद किसी तरह उसके परिजनों से संपर्क किया गया और उसे सुरक्षित परिजनों के सुर्पूद किया गया।
मानसिक स्थिति सही नहीं था
इस संबंध में खरसिया एसडीओपी प्रभात पटेल ने बताया कि वह अपने घर जाने के लिए ट्रेन में चढ़ा था और भूपदेवपुर रेलवे स्टेशन में जब ट्रेन रूकी, तब वह उतर गया। इसके बाद किसी तरह चपले आकर बिजली खंभा में चढ़ गया। उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं थी। फिलहाल उसे सुरिक्षत नीचे उतारा गया।


