राजस्थान के खेल संघों में जारी विवाद की स्थिति को खत्म करने के लिए खेल विभाग द्वारा खेल संघों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही ओलिंपिक की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को राजस्थान सरकार द्वारा आर्थिक मदद दी जाएगी। ये बात खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बुधवार को कही। दरअसल, खेल मंत्री बुधवार एसएमएस स्टेडियम पहुंचे। यहां मीडिया से खेल संघों के बीच चल रहे विवाद को लेकर भी बातचीत की। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम के प्रेक्टिस एरिया में फ्लड लाइट लगाने की घोषणा की। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि सरकार ओलिंपिक की तैयारी करने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता भी करेगी। इसके साथ ही एसएमएस स्टेडियम में फ्लड लाइट की ट्रेनिंग भी होगी। बोले-खेल संघ के विवाद के कारण खिलाड़ियों को नुकसान होता है खेल संघों के विवाद को लेकर कहा कि राजस्थान के खेल संघों में काफी विवाद की स्थिति बनी हुई है। काफी खेल संघ में आपस में राजनीतिक लड़ाई है। उसकी वजह से एक ही खेल के दो – दो और तीन – तीन संघ बने हुए हैं। जिसकी वजह से सबसे ज्यादा नुकसान खिलाड़ियों का होता है। ऐसे में इस पूरे विवाद के समाधान को लेकर अब खेल विभाग द्वारा एक नोटिस जारी किया जाएगा। इसमें खेल संघ को यह चेतावनी दी जाएगी कि वह निर्धारित वक्त में अपने आपसी झगड़ों को खत्म कर सर्वसम्मति से एक खेल संघ का गठन करें। अगर वह ऐसा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। ओलिंपिक की तैयारी के लिए आर्थिक सहयोग देगी सरकार खेल मंत्री ने बताया कि राजस्थान में खेलों के विकास और बढ़ावा को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी के साथ बैठक हुई थी। इसमें यह फैसला किया गया है कि राजस्थान स्टेट के टारगेट ओलिंपिक पोडियम के तहत हम राजस्थान के खिलाड़ियों को और बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में जो टारगेट ओलिंपिक स्कीम है। राजस्थान के खिलाड़ियों को उसके साथ – साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा उनकी कोचिंग, ट्रैवलिंग, स्पोर्ट्स फैसिलिटी के लिए हम आर्थिक रूप से समर्थन देंगे। ताकि वह बेहतर से बेहतर ट्रेनिंग हासिल कर सके। SMS स्टेडियम में फ्लड लाइट में होगी ट्रेनिंग खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में फ्री क्रिकेट एकेडमी का संचालन किया जा रहा है। यहां आकर मैंने खिलाड़ियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा है। मुझे लगता है इसको और ज्यादा विकसित करने की जरूरत है। राजस्थान में आमतौर पर गर्मी काफी ज्यादा पड़ती है। ऐसे में अच्छी ट्रेनिंग शाम के वक्त हो सकती है। इसलिए इस पूरे एरिया में फ्लड लाइट लगवाई जाएगी। इसके साथ ही नेट्स को और ऊंचा करवाया जाएगा। ताकि बॉल प्रेक्टिस एरिया से बाहर न पहुंच सके। इसके साथ ही मैदान में ग्रीन कारपेट बिछाया जाएगा। यहां लगातार बच्चों के प्रैक्टिस करने की वजह से घास ठीक ढंग से नहीं उग पाती है। आउट ऑफ़ टर्न पॉलिसी से खेल विभाग में मिलेगी नियुक्ति राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में आउट ऑफ टर्न जो रिक्रूटमेंट खिलाड़ियों का किया जाता है। उन्हें अब खेल विभाग में काम करने का मौका दिया जाएगा। क्योंकि मुझे लगता है कि जो खिलाड़ी पहले ही खेला हुआ और खेल से जुड़ा हुआ है। वह आएगा तो और ज्यादा अच्छे भाव से यहां काम कर सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले लंबे वक्त से खेल विभाग में काफी पद रिक्त भी चल रहे हैं। ऐसे में वर्तमान समय को ध्यान में रखते हुए कांट्रेक्चुअल कोच को और बढ़ाने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही कोच के जो पद रिक्त चल रहे है। उनमें भी जल्द ही भर्ती की जाएगी।


