जैन समाज के कार्यक्रम के लिए 3-दिन पूरा शहर बुक:872 साल पुराने वस्त्रों के दर्शन होंगे, आग भी नहीं जला सकी, महामारी से बचाया

जैसलमेर में होने जा रहे जैन समाज के चादर महोत्सव देश-विदेश से 25 हजार श्रद्धालु आएंगे। महोत्सव में आने वाले श्रद्धालु जैन संत दादा श्री जिनदत्त सूरी महाराज के 872 साल पुराने वस्त्रों का भी दर्शन करेंगे। मान्यता है कि जब दादा श्री का स्वर्गवास हुआ तो इन वस्त्रों को अग्नि भी नहीं जला पाई थी। जैसलमेर आए इन वस्त्रों ने यहां की महामारी खत्म कर दी थी। महोत्सव के लिए शहर के सभी 300 होटल बुक किए गए हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के भी आने की संभावना है। यह आयोजन 6 से 8 मार्च तक होगा। इसमें 24 घंटे में 1.5 करोड़ मन्त्रों का जाप होगा। 9 शताब्दियों से सुरक्षित हैं वस्त्र जैसलमेर जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष महेंद्र सिंह भंसाली ने बताया- कि आगामी 6 से 8 मार्च तक चादर महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन दादा गुरुदेव के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। महोत्सव का मुख्य आकर्षण गुरुदेव के वे प्राचीन वस्त्र (चादर, चोल पट्टा और मुहपत्ति) हैं, जो करीब 9 शताब्दियों से सुरक्षित हैं। जैन समाज के इतिहास में इस तरह का ‘चादर महोत्सव’ पहली बार आयोजित किया जा रहा है। गुजरात से राजस्थान लाए गए वस्त्र भंसाली ने बताया- इतिहास के अनुसार, विक्रम संवत 1211 में जब अजमेर में दादा गुरुदेव का स्वर्गवास हुआ, तब उनके अंतिम संस्कार की अग्नि में उनका शरीर तो विलीन हो गया, लेकिन उनके वस्त्र पूरी तरह सुरक्षित रहे। ये वस्त्र बाद में गुजरात के पाटन पहुंचे। इसके बाद इन्हें जैसलमेर लाने की कहानी भी बेहद रोचक है। भंसाली ने बताया- इतिहास के अनुसार, लगभग 145 साल पहले जैसलमेर में भयंकर महामारी फैली थी। तब यहां के राजा (महारावल) ने इन पवित्र वस्त्रों को पाटन से जैसलमेर मंगवाया था। माना जाता है कि इन वस्त्रों के आते ही जैसलमेर महामारी से मुक्त हो गया था। तब से ये वस्त्र जैसलमेर के ‘ज्ञान भंडार’ में सुरक्षित रखे हुए हैं। श्रद्धालुओं के लिए बसाया अस्थायी शहर भंसाली ने बताया- चादर महोत्सव में 25 हजार से ज्यादा भक्तों के भोजन व अन्य व्यवस्थाएं जैसलमेर के डेडानसर ग्राउंड में की गई है। सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से स्थानीय प्रशासन और जैन समाज के स्वयंसेवक काम कर रहे हैं। ट्रस्ट के अनुसार, यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन और जैसलमेर की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। दिग्गज संतों का रहेगा सानिध्य भंसाली ने बताया- इस महोत्सव में खरतर गच्छाधिपति आचार्य जिन मणिप्रभ सूरीश्वर जी, जिन मनोज्ञ सूरीश्वर जी और पूनानंद सूरीश्वर जी महाराज सहित 150 से अधिक साधु-साध्वी आएंगे। भंसाली ने बताया- आयोजन के लिए शहर की सभी 350 होटलों को पहले ही बुक कर लिया गया है।

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