नमस्कार होली के माथे से ग्रहण उतरा और फिर भरपूर रंग खेले गए। आम से लेकर खास तक ने गीत-संगीत के साथ रंग जमाया। नेताजी कंधों पर भी चढ़े और सड़क पर भी बैठे। सैलून वाली एक तस्वीर की खूब चर्चा भी रही। बीकानेर के बहरूपिये ने नजरों को जमकर धोखा दिया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. कंधों पर बेढ़म-भाटी, पायलट का संदेश सांसद संजना जाटव ने चुनावी जीत के बाद डांस किया था। इसके बाद समर्थकों को चुनाव से ज्यादा सांसद महोदया के डांस का इंतजार रहता है। होली के मौके पर भरतपुर सांसद के सामने कार्यकर्ता महिला ने ‘जुलम कर डारो’ पर जोरदार डांस किया। माननीय सांसद महोदया ने तालियां बजाकर भरपूर साथ दिया। समर्थकों की डांस वाली तमन्ना अधूरी रह गई। अब मन ही मन यही कह रहे हैं- जुलम कर डारो, सितम कर डारो। उधर, एक हमउम्र समर्थक गहलोत साहब के द्वार पर माला लेकर पहुंच गए। जोर-शोर से नारे लगाए। कई तुकांत गढ़ दिए। शर्मीले स्वभाव के पूर्व सीएम कहते रह गए- बस करो यार। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी होली के रंग में रंगे दिखे। रेलिंग के उस पार कार्यकर्ताओं का जमावड़ा। चुटकी भर गुलाब लेकर सबके माथे पर तिलक कर रहे थे। रंग के बहाने सियासी मैसेज भी दे गए- रंग में मोहब्बत होनी चाहिए, नफरत का काम तमाम करना है। कई समर्थकों को मोहब्बत का जिक्र होते ही राहुल गांधी जी की याद आने लगी। बाड़मेर में भाटी जी को कंधों पर उठा लिया गया। वहीं से उन्होंने दोनों हाथ उठाकर जोरदार डांस किया। बिल्कुल ऐसा ही भरतपुर में मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने किया। शिक्षा मंत्री डाउन टू अर्थ निकले। कोटा में कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर बैठकर देशभक्ति के गीत गाने लगे। 2. तस्वीर पर राज्यसभा वाला सवाल एक तस्वीर सामने आते ही क्रिएटिव कमेंट्स की बाढ़ आ गई। तस्वीर बहुत कुछ कहती है। तस्वीर में एक सैलून दिखाई दे रहा है। सैलून में भाजपा के दो दिग्गज नेता कुर्सियों पर जमे हैं। एक कुर्सी पर सतीश पूनिया हैं। पूनिया जी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रहे। बिहार में चुनावी रणनीति सजाकर फुल नंबर लेकर आए। चेकदार कपड़ा लपेटकर सैलून वाले भाईसाब उस्तरे से पूनिया जी का चेहरा चमकाने में व्यस्त हैं। दूसरी कुर्सी पर विराजे पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। पीछे खड़े कार्यकर्ताओं के चेहरे खिले हुए हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर करते हुए क्रिएटर ने सवाल भी चिपका दिया- क्या राज्यसभा जाने की तैयारी है। 3. नजर के धोखे में बीकानेर अव्वल होली सिर्फ रंग का त्योहार नहीं। रम्मत का भी है। बीकानेर में यह परंपरा सदियों पुरानी है। रम्मत के दौरान बीकानेरवासी हंसी-ठिठोली करते हैं। बहरूपिये बनकर गुदगुदाते हैं। सोशल मीडिया के दौर में बीकानेर की यह कला जन-जन तक पहुंच रही है। बीकानेर के एक वीडियो में चश्मे वाली बहनजी सभी का दिल जीत रही हैं। राजस्थानी वेशभूषा में तैयार बहनजी सीढ़ियों पर बैठकर रम्मत का आनंद ले रही हैं। बाद में पता चला कि बहनजी तो भाईसाहब हैं। आंखों पर यकीन करना मुश्किल। चेहरा ही नहीं हाव-भाव भी बहनजी वाले। तैयार होने का वीडियो भी शेयर किया गया तब यकीन हुआ। ऐसे ही एक बस के ड्राइवर साहब नजर आए। देखने पर लगेगा कि महिला बस चला रही है। ये भी काको-सा निकले। 4. चलते-चलते.. नजर का धोखा बीकानेर तक सीमित नहीं है। जोधपुर की तस्वीर भी सामने आ रही है। गली नीले पानी से लबालब है। इलाका प्रतापनगर पुलिस चौकी के पीछे का बताया जा रहा है। देखने पर लगता है कि हुड़दंगियों ने यहां जमकर होली खेली है। वीडियो शेयर करने वाले की आवाज आती है। वह दुखी स्वर में कहता है- देख लो साहब। ये कपड़ा फैक्ट्रियों का गंदा पानी है जो सीवर से निकलकर गली में भर रहा है। ये हालात हैं। जोजरी और लूणी नदियों में गंदा पानी छोड़े जाने की बातें दिल्ली के पॉल्यूशन ट्रिब्यूनल तक पहुंच गई थीं। अब लगता है कि फैक्ट्री वालों ने पाइपों का रुख सीवरों की तरफ मोड़ दिया है। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..


