MP में दिन और रात का पारा लुढ़का:उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं का असर; सबसे ठंडा रहा पचमढ़ी

उत्तर भारत से आ रही हवाओं की वजह से मध्यप्रदेश में रात के साथ दिन में भी ठंडक घुल गई है। इससे कई शहरों में पारा लुढ़क गया है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में बुधवार को 4.7 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 26.9 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 28.4 डिग्री, ग्वालियर में 27.9 डिग्री, उज्जैन में 28.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां पारा 23 डिग्री पर आ गया। एक ही दिन में तापमान में 4.5 डिग्री की गिरावट देखने को मिली। इसी तरह बैतूल में 28.2 डिग्री, धार में 29.3 डिग्री, गुना में 27.6 डिग्री, रायसेन में 27 डिग्री, रतलाम में 29.4 डिग्री, शिवपुरी में 27.2 डिग्री, दमोह में 29 डिग्री, खजुराहो में 28.8 डिग्री, मंडला में 29 डिग्री, नौगांव में 28 डिग्री, रीवा में 26.5 डिग्री, सागर में 29.3 डिग्री, सतना में 27.4 डिग्री, सीधी में 26.4 डिग्री, मलाजखंड में 28 डिग्री और उमरिया में पारा 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पाकिस्तान के पास एक्टिव है नर्मदापुरम में 33 डिग्री, खंडवा में 34.1 डिग्री, खरगोन में 34.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 32 डिग्री, सिवनी में 32.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 33.5 डिग्री रहा। मंगलवार को हवा की रफ्तार 10 से 12Km प्रतिघंटा तक रही। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी रहा। इसके बाद दिन के पारे में फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) पाकिस्तान के पास एक्टिव है। टर्फ भी गुजर रहा है। इस वजह से हवा चल रही है और पारे में गिरावट देखने को मिल रही है। प्रदेश के पांच बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान राजगढ़ में बीती रात 8 डिग्री रहा न्यूनतम तापमान 9 मार्च को नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस
पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 मार्च से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है। ऐसा होने पर दो दिन बाद प्रदेश में भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश होने के अभी आसार नहीं है। अगले 2 दिन ऐसा मौसम
5 मार्च: भोपाल में आसमान साफ रहेगा, लेकिन हवा की वजह से दिन का पारा 28 डिग्री तक पहुंच सकता है। ऐसा ही मौसम इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी देखने को मिलेगा।
6 मार्च: इस दिन भी दिन-रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। पहले सप्ताह में ओले-बारिश, पारे में बढ़ोतरी पहले सप्ताह में ओले-बारिश, बादल: पहले सप्ताह में ओले, बारिश, गर्मी और बादल वाला मौसम है। पहले ही दिन मुरैना में ओले गिरे और बारिश हुई। वहीं, अन्य शहरों में गर्मी वाला मौसम है। हालांकि, मंगलवार से मौसम में बदलाव देखने को मिला है। हवा की रफ्तार बढ़ गई है।
दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक होगा जबकि गुजरात के ऊपर साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम की वजह से भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और चंबल संभाग में तापमान सामान्य 15-17 डिग्री तक रहेगा। वहीं, अधिकतम तापमान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में सामान्य से बढ़े रहेंगे। भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में यह सामान्य 31-34 डिग्री सेल्सियस पर बना रहेगा। इस दौरान बारिश की संभावना नहीं है। पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छाए रहेंगे।
तीसरा सप्ताह: रात में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान इंदौर संभाग में सामान्य से 3-4 डिग्री बढ़कर 20-23 डिग्री तक जबकि शेष सभी संभागों में 19-21 डिग्री तक जाएगा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ते हुए सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक 34-38 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के मिलने के कारण पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं। गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।
चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान रीवा और शहडोल संभागों में 22-24 डिग्री सेल्सियस रहेगा जबकि भोपाल सहित शेष पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक 23-26 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा। जबलपुर संभाग में 37-40 डिग्री जबकि भोपाल सहित शेष पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-5 डिग्री बढ़कर 38-42 डिग्री सेल्सियस तक अधिकतम तापमान रहेगा। दक्षिण-पूर्वी हवाओं के आने से जबलपुर, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। मार्च के आखिरी दिनों में ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के साथ राजगढ़, सीहोर, विदिशा, बैतूल और हरदा जिलों में 3-4 दिन तक लू भी चल सकती है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे
मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। मार्च में तीनों मौसम का असर
मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है जबकि रात में 10 से 17 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में ग्वालियर में मौसम सबसे ज्यादा बदला हुआ रहता है। यहां रात में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश
भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा
इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड
मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है।
साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, वर्ष 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी
जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भी
उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।

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