महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया अंचल के कलाकारों के साथ फैशन शो के रैंप पर उतरीं। यह पहला मौका था जब झाबुआ, अलीराजपुर और धार आदि अंचल के ठेठ पारंपरिक परिधान पहनकर आदिवासी कलाकारों ने अपने वस्त्र और परंपरा का रैंप वॉक पर प्रदर्शन किया। आदिवासी लोक चित्रकला का प्रदर्शन इंदौर के गांधी हाल परिसर में पहली बार प्रोफेशनल मॉडल की जगह आदिवासी समाज की महिलाएं परंपरागत वेशभूषा के साथ रैंप पर उतरीं। इस अवसर पर मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा “अब तक बड़े-बड़े फैशन डिजाइनर के कपड़ों के प्रमोशन इस तरह होते हैं, लेकिन यह पहला मौका है, जब हमारे आदिवासी परिधान का प्रमोशन के लिए रैंप वॉक हो रहा है। देश और दुनिया में आज भी आदिवासी पहनावे को लेकर खास आकर्षण है। इसमें कपड़ों के अलावा ज्वेलरी और पारंपरिक श्रृंगार सामग्री होती है।


