मेहनत-हुनर के दम पर छोटे कारोबार से आत्मनिर्भर बनीं महिलाएं सम्मानित

भास्कर न्यूज | अमृतसर वीरवार को 4 हलकों आयोजित कार्यक्रम में ‘अपना कारोबार अपनी पहचान’ मुहिम के तहत जिले के 535 महिलाओं को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में छोटा कारोबार चला रही महिलाओं को सम्मान दिया गया। कार्यक्रम पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ‘महिला उद्यमी सम्मान-2026’ के तहत आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों और उद्यम को बढ़ावा देना है। सेंट्रल हलके में 100, साउथ में 135, वेस्ट में 175 और ईस्ट में 125 महिलाओं को सर्टिफिकेट और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। चारों हलकों में आयोजित कार्यक्रमों में विधायकों ने अपने दम पर आत्मनिर्भर बनीं महिलाओं को सम्मानित किया। सेंट्रल से विधायक डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि यह मुहिम महिलाओं की मेहनत को पहचान दिलाने के लिए शुरू की गई है। दक्षिण के विधायक इंद्रबीर सिंह निज्जर ने कहा कि महिलाएं समाज की अग्रणी शक्ति हैं और उन्हें किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। पूर्वी की विधायक जीवनजोत कौर ने कहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो वे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। पश्चिमी के विधायक जसबीर संधू ने कहा कि महिलाएं घर और समाज दोनों जगह अहम योगदान देती हैं। उनका सम्मान करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। महा सिंह गेट की राशि महाजन 4 साल से वुलेन ड्रेस तैयार कर ऑनलाइन कारोबार कर रही हैं। वह घर पर ही क्रोशिए और ​िसलाई से स्वेटर व अन्य कपड़े बनाती हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें ऑर्डर मिलते हैं और तैयार उत्पाद ग्राहकों तक भेजती हैं। भारत नगर की अंकिता चोपड़ा ने 7 साल से पहले घर से काम शुरू किया और सैलून चला रही हैं। परिवार के सहयोग से उन्होंने कई मुश्किलों को पार किया और अब हर महीने 20 हजार कमा रही हैं। आम महिलाओं को मंच पर बुलाकर सम्मान देना सरकार की अच्छी पहल है। बटाला रोड संधू कॉलोनी निवासी अनामिका गौतम 4 साल से अपनी छोटी बेकरी चला रही हैं। उन्होंने घर से ही केक और बेकरी उत्पाद बनाने का काम शुरू किया था। धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ती गई और अब उनकी अच्छी कमाई हो जाती है। अमरकोट जोड़ा फाटक निवासी शीतल कौर ने पहले अकेले ही बुटीक का काम शुरू किया था। 2022 में उन्होंने किराए पर दुकान लेकर काम को आगे बढ़ाया। मेहनत और लगन से आज खुद का बुटीक है, जहां 8 महिलाएं काम करती हैं। वह कहती हैं कि आज उन्हें गर्व है कि दूसरों को भी रोजगार दे पा रही हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *