भास्कर न्यूज | अमृतसर मांगों को लेकर फर्द केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटर 7 मार्च तक हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के कारण जिले में रजिस्ट्री से जुड़ा काम प्रभावित हो गया है। रजिस्ट्री से पहले फर्द निकलवाना अनिवार्य होता है, ऐसे में जिन लोगों की फर्द नहीं निकल पाई, उनकी रजिस्ट्री भी नहीं हो सकी। हड़ ताल का असर जिले के 11 फर्द केंद्रों अमृतसर-1, अमृतसर-2, तरसिक्का, लोपोके, अजनाला, अटारी, बाबा बकाला साहिब, ब्यास, राजासांसी और मजीठा में साफ तौर पर देखने को मिला। प्रत्येक केंद्र में रोजाना लगभग 200 से 250 लोग फर्द निकलवाने पहुंचते हैं। हड़ताल के कारण वीरवार को करीब 2500 लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। हड़ताल के कारण कंप्यूटर सेंटरों ने प्रति फर्द के 200 से 500 रुपए तक भी वसूल किए। बता दें कि काफी सर्किलों के कई गांवों की फर्दे ऑनलाइन नहीं है। जिनकी फर्दे ऑनलाइन नहीं है, उन्हें ज्यादा पारेशान होना पड़ा है। हरपाल सिंह का कहना था कि उन्हें रजिस्ट्री करवाने के लिए फर्द निकलवाने आए थे लेकिन जब फर्द केंद्र पहुंचे तो पता चला कि हड़ताल है। सुबह से ही वह इधर-ऊधर भटक रहे हैं। उम्मीद थी कि उन्हें फर्द मिल जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब सोमवार को ही आना पड़ेगा। चाटीविंड के करनैल सिंह ने कहा कि हड़ताल के कारण परेशान होना पड़ा। काम तो हुआ नहीं उल्टा 100-150 रुपए अलग से खर्च हो गए। उन्होंने कहा कि उक्त कर्मचारी अगर मेहनत कर रहे हैं तो उन्हें कम से कम मेहनताना तो पूरा दिया जाए। मजदूर की दिहाड़ी भी आज 700 रुपए हो गई है और इन कर्मचारियों को इतना कम वेतन मिलता है, सुनकर हैरानी भी हुई है। तरनतारन रोड से आए अरजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने एमओडीटी करवाई थी। उन्हें फर्द की जरुरत है क्योंकि बैंक लोन लेने के बाद वह एमओडीटी बैंक में जमा करवाने के बाद उन्हें लोन जारी किया जाएगा। वह सरकारी कर्मचारी हैं और छुट्टी लेकर आए हैं। अब उन्हें सोमवार को आने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि उनकी छुट्टियां खराब हो गई है और साथ ही उन्हें परेशान भी काफी होना पड़ा है। सुल्तानविंड रोड के दलजीत सिंह ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री करवानी थी। उसके लिए फर्द निकलवाने के लिए जब फर्द केंद्र में पहुंचा तो पता चला कि हड़ताल है। 3 दिन तक काम नहीं होगा। जिस शख्स की जमीन खरीदनी है, वह दूसरे राज्य से आया है और अब उन लोगों को बिना वजह ही परेशानी झेलनी पड़ी है। फर्द केंद्र कंप्यूटर ऑपरेटर एसोसिएशन के जिला प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि प्राइवेट कंपनी सीएमएस कंप्यूटर लिमिटेड के माध्यम से 17-18 साल से काम कर रहे हैं। मात्र 7 हजार से 9200 रुपए तक वेतन दिया जा रहा है, जो वर्तमान समय में बेहद कम है। कम वेतन के बावजूद कर्मचारियों से कई तरह की सरकारी ड्यूटियां ली जाती हैं। एसोसिएशन की मांग है कि उन्हें लेबर कानूनों के अनुसार वेतन दिया जाए और उनकी सेवाओं को पंजाब सरकार के माल विभाग के अधीन लाया जाए। साथ ही किसी ऑपरेटर के साथ दुर्घटना होने पर उसे और उसके परिवार को बीमा सुरक्षा दी जाए। एसोसिएशन की ओर से डीसी के नाम एक मांग पत्र तहसीलदार को भी सौंपा गया।


