दुनिया वैसी नहीं, जैसी दिखती है; बल्कि वैसी है, जैसी हमारी सोच है

भास्कर न्यूज | जालंधर मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी में मां बगलामुखी जी के निमित्त सामूहिक हवन किया गया। धाम के संस्थापक नवजीत भारद्वाज ने कहा कि तुलसीदास का संदेश स्पष्ट है कि ईश्वर को पाने के लिए बाहरी आडंबरों से अधिक आवश्यक अंतर्मन की शुद्धि है। उन्होंने कहा कि भगवान को देखने की दृष्टि बाहर नहीं, भीतर से जन्म लेती है। जब मन निर्मल होता है, तब हर दिशा में ईश्वर का प्रकाश दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि जब हम सच्ची भावना से दूसरों में अच्छाई देखने लगते हैं, तो हमारे संबंध मधुर हो जाते हैं। यदि भावना निर्मल हो, तो हर कण में भगवान का अनुभव संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि यह चौपाई हमें याद दिलाती है कि दुनिया वैसी नहीं है, जैसी दिखती है, बल्कि वैसी है जैसी हमारी सोच है। यदि हम हर परिस्थिति में सकारात्मकता खोजें, तो कठिन समय भी साधना का अवसर बन सकता है। यहां प्रदीप धीर, राकेश प्रभाकर, पूनम प्रभाकर, कमल, सरोज बाला, समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप, दिनेश सेठ, सौरभ भाटिया, विवेक, नरेश उपस्थित थे। मां बगलामुखी धाम में हवन करते हुए श्रद्धालु।

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