प्रदेश में फिजियोथैरेपी में यूजी एवं पीजी कोर्स करने वालों के लिए सुखद खबर है। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, फार्मेसी के बाद आरयूएचएस कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी साइंसेज खोलने की तैयारी कर ली है। इसके लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई है। प्रथम चरण में 2026-27 सत्र में बीपीटी की 100 सीटों पर नीट-2026 के स्कोर के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। बी.एससी नर्सिंग, फार्मेसी ( डिप्लोमा एंड डिग्री), एलाइड एंड हेल्थ केयर जैसे कोर्सेज में टेस्ट लेकर काउंसलिंग के जरिए प्रवेश प्रक्रिया 16 अगस्त तक पूरी होगी। विवि का नया प्रवेश द्वार हैरिटेज लुक में नजर आएगा। कॉलेज भवन के रिनोवेशन का काम भी शुरू हो गया है। अगले 6 माह में प्रवेश द्वार, कान्फ्रेंस हॉल एवं एन्ट्रेंस लॉबी बनना प्रस्तावित है। गुरुवार को होली स्नेह मिलन समारोह में आरयूएचएस कुलगुुरु डॉ. प्रमोद येवले ने बताया कि विवि और संबद्ध अस्पतालों का छात्र-छात्राओं को क्वालिटी युक्त मेडिकल शिक्षा और मरीजों को बेहतर इलाज पर फोकस रहेगा। कुलगुरु डॉ. येवले ने एक साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है।
टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों पर होगी भर्ती, सरकार को भेजा प्रस्ताव डॉ. येवले ने बताया कि आरयूएचएस से संबद्धता प्राप्त संस्थानों की संख्या 110 से बढ़कर 600 तक पहुंच चुकी है। टीचिंग एवं नॉन टीचिंग के पदों पर भर्ती नहीं होने का खामियाजा स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ रहा। ऐसे में प्रशासन ने इन पदों पर भर्ती के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है। अनुमति मिलते ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एक कॉलेज एक ही अस्पताल से संबद्ध रहेगा; विश्वविद्यालय के निर्णय के अनुसार एक नर्सिंग कॉलेज अब एक ही अस्पताल से संबद्ध रहेगा। यह नियम सत्र 2026-27 में संबद्धता लेने वाले संस्थानों पर लागू होगा। साथ ही विश्वविद्यालय के साथ-साथ नर्सिंग व फार्मेसी काउंसिल पर खरा उतरना होगा। संबद्धता प्राप्त संस्थानों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति मोबाइल एप से होगी। वेलफेयर स्कीम; फैकल्टी और टीचर्स के लिए वेलफेयर स्कीम को स्वीकृति दे दी है। जिसमें गाइडलाइन के अनुसार फैकल्टी और टीचर्स के
साथ घटना होने पर निर्धारित राशि मिलेगी। शोध गंगा पर थीसिस उपलब्ध; मेडिकल स्टूडेंट्स को शोध गंगा पोर्टल पर थीसिस उपलब्ध करवाई गई है।


