दुबई में फंसे झारखंड के 80 से अधिक यात्री तीसरे प्रयास में शारजाह से सुरक्षित रांची लौटे

रांची के रहनेवाले नवदंपती अतुल उरांव, अधिकारी (सेल) और डॉ. कंचन बाड़ा शादी के बाद हनीमून मनाने दुबई गए थे। 22 फरवरी को विवाह संपन्न होने के बाद 27 फरवरी को दुबई रवाना हुए नवविवाहित जोड़े की 4 मार्च को वापसी थी। लेकिन, खाड़ी देशों में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच वे दुबई में ही फंस गए। अतुल ने कहा कि यात्रा यादें बनाने के लिए थी, लेकिन अब केवल सुरक्षित घर लौटने की चिंता है। नवदंपती ने भारत सरकार, झारखंड सरकार और यूएई स्थित भारतीय दूतावास से तुरंत हस्तक्षेप और उनकी सुरक्षित वापसी की अपील की है। वहीं, फ्लाइट से रांची एयरपोर्ट पर उतरने के बाद यात्रियों ने बताया कि उन्हें 28 फरवरी को ही लौटना था। लेकिन अचानक फ्लाइट कैंसिल होने के कारण उन्हें कई दिन दुबई में रुकना पड़ा। इस दौरान होटल से केवल दो-तीन किलोमीटर दूर मिसाइल और बम गिर रहे थे। यात्री अभिषेक साहू ने बताया कि सभी यात्री तीसरे प्रयास में शारजाह से फ्लाइट पकड़ पाए। सुनील कुमार ने बताया कि मलबे कब और कहां कब गिरेंगे, यह सोचकर डर लग रहा था। इसके अलावा, बजरंगी और विनय केशरी ने कहा कि वे आराम से थे, लेकिन पूरे समय डर बना हुआ था। हर पल दहशत… कब बम गिर जाए सेल सिटी के अजय साहू ने बताया कि हर पल डर का एहसास था कि कब बम उनके ऊपर गिर जाए। रांची के वीरेन साहू ने कहा कि लगातार मिसाइल और बम के टुकड़े गिरने से स्थिति भयावह थी। यात्रियों की सुरक्षित वापसी पर रांची एयरपोर्ट पर परिजनों की आंखें खुशी और राहत से भर गईं। परिवार से मिलते ही यात्रियों की आंखें भी भर आईं। परिजनों ने अबीर-गुलाल लगा कर खुशियां मनाईं। यात्रियों ने कंपनी और सरकार का धन्यवाद किय होटल से कुछ ही दूरी में हो रहे थे धमाके राहुल वर्मा ने बताया कि दुबई के होटल के पास लगातार धमाके हो रहे थे, जिससे उन्हें नींद नहीं आ रही थी। राकेश कुमार तिवारी और राकेश सिंह ने कहा कि कंपनी और भारत सरकार की तरफ से उन्हें पर्याप्त सहायता मिली। मिसाइलों की आवाज रूक-रूक कर सुनाई पड़ रही थी, जिससे माहौल भयपूर्ण था। अनूप कुमार ने कहा कि उनकी वापसी 28 फरवरी को तय थी, लेकिन विमान उपलब्ध नहीं होने के कारण वे समय पर लौट नहीं पाए।

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