गिव अप अभियान पूरा; 1.73 लाख ने हटवाए नाम, अब खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र लाभार्थियों से होगी वसूली

खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र होते हुए भी गरीबों के हक का गेहूं उठाने वालों से अब रसद विभाग वसूली करेगा। 28 फरवरी को गिव अभियान की अवधि समाप्त हो गई है और फिलहाल इसकी अवधि बढ़ने के संबंध में विभाग के पास कोई सूचना नहीं है। ऐसे में ये माना जा रहा है कि जिन लोगों ने अभियान की अवधि में स्वेच्छा से अपना नाम योजना से नहीं हटवाया है, उनसे विभाग अब 30.57 रुपए प्रति किलो गेहूं के हिसाब से वसूली करेगा। अभियान के तहत जिले में 1.73 लाख लाभार्थियों ने स्वेच्छा से अपना हटवाया है। वहीं अभी भी कई अपात्र लाभार्थी ऐसे भी है जिन्होंने अभियान की अवधि बार-बार बढ़ते देख योजना से अपना नहीं हटवाया है। विभाग काफी समय से ऐसे लाभार्थियों की जांच कर रहा है और उन्हें नोटिस देकर नाम हटवाने की समझाइश कर रहा है। बता दें कि नवंबर 2024 से ये अभियान चल रहा है। तब से अब तक विभाग इसकी अवधि बढ़ा रहा है ताकि अपात्र लाभार्थी खुद ही अपना हटवा लें। शुरुआत में इस अभियान के तहत कई अपात्रों ने नाम हटवाया था। लेकिन जैसे-जैसे विभाग इसकी अवधि बढ़ाती गई, वैसे-वैसे कई अपात्रों ने इसे गंभीरता से लेना कम कर दिया। हालांकि पिछले साल विभाग ने कुछ अपात्रों के खिलाफ कार्रवाई भी की, लेकिन इसका असर कुछ समय तक ही रहा। रसद विभाग ने मृत राशन डीलरों के परिवारों को अनुकंपा के तौर पर राशन की दुकान के लिए नियमों कुछ बदलाव कर शिथिलता दी है। विभाग ने मृत डीलर की पत्नी और आश्रितों को शिक्षा व उम्र को लेकर रियायत दी है। इसमें राशन डीलर की मृत्यु 60 वर्ष से अधिक आयु में होने पर एक बार इन रियायतों का फायदा मिलेगा। इसमें मृत डीलर के आश्रित की आयु 21 के स्थान पर 18 साल की गई है। साथ ही 90 दिन की समय-सीमा में आवेदन नहीं होने पर अगले 90 दिन में आवेदन करने की भी छूट दी है। विभाग के उप सचिव सुनील पूनियां ने इसे लेकर निर्देश जारी कर दिए। इसके अलावा शैक्षणिक योग्यता में भी बड़ी राहत दी गई है। इसमें अब मृत राशन डीलर की पत्नी के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को 10वीं से घटाकर 8वीं व अन्य आश्रितों के लिए 12वीं से 10वीं उर्तीण तय की है। कंप्यूटर योग्यता का प्रमाण-पत्र 8 की जगह 12 माह में दे सकेंगे। गिव अप अभियान की अवधि 28 फरवरी को पूरी हो गई है। अभियान की अवधि बढ़ने के संबंध में फिलहाल कोई निर्देश नहीं मिले हैं। अब विभागीय के निर्देश मिलने पर वसूली की कार्रवाई करेंगे। -अंशु तिवाड़ी, जिला रसद अधिकारी, चूरू

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