चंडीगढ़ में महिला को किया डिजिटल अरेस्ट:फर्जी CBI अफसर बोला-नशा तस्करी में तुम्हारा नाम है, गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगे 57 लाख

चंडीगढ़ में फर्जी सीबीआई अफसर ने महिला से 57.16 लाख रुपए ठग लिए हैं। आरोपी ने डिजिटल अरेस्ट कर नशीले पदार्थों की तस्करी में महिला का नाम आने की बात कही। जब महिला को पता चला कि उसके साथ ठगी हो गई, तो उसने इसकी शिकायत चंडीगढ़ साइबर सेल थाना पुलिस सेक्टर 17 में दी। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पहले कूरियर कंपनी कर्मचारी बनकर किया कॉल पुलिस के मुताबिक, ठगों ने पहले शेल्यादीप को फर्जी कूरियर कंपनी का कर्मचारी बनकर कॉल किया और फिर उसे झूठे नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी देकर पूरी रकम ऐंठ ली। महिला को ठगी का एहसास तब हुआ जब पैसे लेने के बाद ठगों ने कॉल उठाना बंद कर दिया। पुलिस को दी शिकायत में शेल्यादीप ने बताया कि 16 जनवरी 2024 को उसे राहुल शर्मा नाम के व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को डीएचएल इंटरनेशनल कूरियर सर्विस का कर्मचारी बताया। उस व्यक्ति ने कहा कि उनके नाम से एक संदिग्ध पार्सल भेजा गया है, जिसमें पांच पासपोर्ट, छह क्रेडिट कार्ड, 3.5 किलोग्राम नशीले पदार्थ और 400 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ है। इसके बाद कॉल को एक अन्य व्यक्ति वाइरोय कुमार से जोड़ दिया गया, जिसने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया और महिला को धमकाने की कोशिश की। बदमाश बोला- CBI अधिकारी बोल रहा हूं ठगों ने शेल्यादीप को एक अन्य व्यक्ति राकेश कुमार से बात करवाई, जिसने सबसे पहले उसकी पारिवारिक जानकारी ली और फिर आरोप लगाया कि महिला नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल है। ठगों ने यह भी कहा कि एक नरेश गोयल नामक व्यक्ति से उसने कथित रूप से 2.5 करोड़ की रिश्वत ली है। जब महिला ने इस तरह की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया, महिला की बात किसी और से करवाई और उसने खुद को अनिकेत, सीबीआई अधिकारी बताया और उसे धमकाना शुरू कर दिया कि अगर वह उनकी बात नहीं मानेगी, तो उसे आजीवन कारावास हो सकता है। महिला को डराकर ली बैंक डिटेल ठगों ने शेल्यादीप को डराकर उसकी बैंक डिटेल्स हासिल कर ली और फिर उसके सभी खातों में मौजूद पैसे निकालने के लिए मजबूर किया। महिला के पास ऑनलाइन ट्रांसफर की सुविधा नहीं थी, इसलिए उसे अलग-अलग बैंकों से लोन लेने के लिए दबाव डाला गया। ठगों ने महिला को वॉट्सऐप चैट, स्काइप कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से निर्देश दिए थे।

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