कासं|सवाईमाधोपुर सरकारी स्कूलों में अक्सर संसाधनों की कमी और विकास की धीमी रफ्तार की शिकायतें सामने आती हैं। लेकिन जिले में ‘भविष्य की उड़ान’ से प्रेरित होकर शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों ने मिसाल पेश की है। 14 राजकीय स्कूलों के विकास के लिए 38 शिक्षकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने कुल 9,98,200 रुपए का सहयोग दिया।, यह राशि स्कूलों के भौतिक विकास, फर्नीचर खरीद, भवन जीर्णोद्धार, रंग-रोगन, कंप्यूटर लैब निर्माण, इलेक्ट्रिक घंटी और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों पर खर्च होगी। पहल ने न केवल स्कूलों की संरचनात्मक मजबूती बढ़ाई है, बल्कि शिक्षा में सकारात्मक सोच और समाज में सहभागिता का संदेश भी दिया है। स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल बाटोदा: जतीराम मीना, मुकेश कुमार मीना, पवन तिवारी, असजद अहमद, ग्यारसा बैरवा, राउमावि हिंगोटिया: विजय कुमार सांखला, राउमावि भदलाव: किरोड़ीलाल मीना, सुरेन्द्र कुमार मीना, सीमा मीना, श्याम जाट, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पीपलदा: अर्चना शर्मा, काजल शर्मा, भरतलाल, शुभम महरवाल, ज्योति वर्मा, राउमावि ईसरदा: प्रधानाचार्य आशाराम, शिक्षक रामस्वरूप मीना, राउमावि श्रीपुरा: विद्यालय स्टाफ अन्य सहयोगकर्ता भी 14 स्कूलों में योगदानकर्ता रहे। कुल सहयोग राशि: ₹9,98,200 कुल सहयोगकर्ता: 38 शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक और 1 सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुख्य उपयोग: फर्नीचर क्रय, भवन जीर्णोद्धार , रंग-रोगन / पेंटिंग, कंप्यूटर लैब निर्माण, ऑटोमेटिक इलेक्ट्रिक घंटी विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियां / हवाई यात्रा। ^यह पहल दिखाती है कि अगर शिक्षक और स्टाफ स्वयं सक्रिय हों तो सरकारी स्कूलों में बदलाव संभव है। छोटे-छोटे योगदान से स्कूलों का भौतिक और शैक्षणिक वातावरण बेहतर बन सकता है। ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए यह कदम उनके सपनों को बड़ा बनाने व आकार लेने में मददगार साबित होगा। – दिनेश कुमार गुप्ता , एडीपीसी


