विधानसभा में गुरुवार शाम 5 बजे राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान संशोधन विधेयक-2026 पर बहस में बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा बोल रहे थे। सभापति संदीप शर्मा ने कई बार घंटी बजाई और टोका। इस पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भड़क गए। चिल्लाते हुए आसन पर उंगली उठाई। सभापति भी भड़क गए। वे खड़े हो गए। कहा, दादागिरी नहीं चलेगी..आप सड़क छाप हो..। इससे भड़का विपक्ष वेल में आ गया। दोनों पक्षों ने जमकर अपशब्द कहे। सभापति ने कहा कि सदस्यों ने आसन को चुनौती दी, अभद्र टिप्पणी की। इस पर विपक्ष नारेबाजी पर उतर गया। भाजपा विधायक भी संसदीय कार्यमंत्री की सीट पर जमा हो गए और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। संदीप शर्मा ने पुलिस बुलाने की चेतावनी दे दी। संसदीय कार्यमंत्री ने धमकाया कि इनको धक्के मारकर बाहर निकालो। मंत्री दिलावर ने टिप्पणी की तो हाकिम अली उनकी तरफ लपके। दोनों में हाथापाई की नौबत आ गई। मंत्री अविनाश गहलोत बोले, यह नाथी का बाड़ा नहीं है, जो मनमर्जी चलाएंगे। मंत्री जोगाराम कांग्रेस हाय-हाय के नारे लगाते रहे। हंगामा बढ़ने पर सभापति ने 5.20 बजे आधे घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी। 5.50 बजे स्पीकर देवनानी सदन में पहुंचे और डोटासरा, जोगाराम, संदीप को सुना। बीच में टोकने पर डोटासरा-संदीप में विवाद
बिल पर बोलते हुए बार-बार घंटी बजने और हरिमोहन शर्मा को अपना संबोधन खत्म करने को बाधित करने पर डोटासरा ने कहा कि विधायक बिल पर बोल रहे हैं। आप उन्हें बीच में नहीं टोक सकते। बिल पर समय सीमा नहीं होती। इस पर संदीप शर्मा व डोटासरा में बहस हो गई। फिर मदन दिलावर और हाकम अली भिड़ गए
सत्ता पक्ष की तरफ से अविनाश गहलोत, श्रीचंद कृपलानी, मदन दिलावर, हेमंत मीणा, रमेश खींची, सुखवंत सिंह, हरलाल सहारण, रामविलास डूंगरपुर समेत अन्य विधायक सदन के वेल में आ गए। दिलावर और हाकम अली में हाथापाई होते बची। दिलावर ने कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी को बदतमीजी बताया। वेल में कांग्रेस विधायकों ने जमकर नारेबाजी की
कांग्रेस की तरफ से डोटासरा, नरेंद्र बुडानिया, हरिमोहन शर्मा, दीनदयाल बैरवा, दीपचंद खेरिया, सीएल प्रेमी, रीटा चौधरी, भगवाना राम सैनी, राजेंद्र पारीक, रामकेश मीणा, मनीष यादव, डूंगरराम गेदर, अमीन कागजी, व अन्य विधायक भी सदन के वेल में नारेबाजी करते रहे। संदीप शर्मा का मेडिकल टेस्ट कराएं: डोटासरा
कार्यवाही फिर शुरू होने पर स्पीकर देवनानी चेयर पर आए। डोटासरा ने कहा, बिल पर हरिमोहन शर्मा के बोलने के दौरान संदीप शर्मा ने आक्रामक होकर टिप्पणियां कीं, इनका मेडिकल टेस्ट कराएं। स्पीकर ने कहा, संदीप शर्मा उस वक्त सभापति के तौर पर थे। ऐसे कमेंट ना करें। डोटासरा की मानसिकता विकृत जैसी: संदीप
संदीप शर्मा ने कहा कि डोटासरा ने मानसिक विकृत व्यक्ति जैसी हरकतें कीं। इनकार व्यवहार बिल्कुल भी संसदीय नहीं था। मेडिकल टेस्ट इनका भी होना चाहिए। इनका भी मेडिकल टेस्ट कराया जाए और मेरा भी। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि आसान को धमकाया जा रहा है, यह बर्दाश्त नहीं होगा। स्पीकर बोले- पूरा मामला देख फैसला करेंगे
कार्यवाही दुबारा शुरू होने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि सभापति को मैंने ही कहा था कि सभी वक्ताओं को 5-5 मिनट बोलने का समय देना है। अपशब्दों के इस्तेमाल पर कहा, मैं पूरी कार्यवाही देखूंगा, उसके बाद ही फैसला होगा।


