विदिशा के एक मेडिकल कॉलेज में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग कल्याण सिंह दांगी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी गांव के रणजीत सिंह, राहुल दीवान सिंह और बलराम ने कल्याण सिंह के साथ मारपीट की थी। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक के बेटे भूपेंद्र ने बताया कि उनके पिता कल्याण सिंह ने पड़ोसी गांव मानपुर के रणधीर सिंह दांगी और दीवान सिंह दांगी के खेतों पर धान बोई थी। इस मामले में दोनों के बीच लिखित समझौता हुआ था कि फसल के मुनाफे को आधा-आधा बांटा जाएगा। लेकिन जब फसल बेचने के बाद मुनाफा बांटने की बारी आई, तो रणधीर सिंह और दीवान सिंह समझौते से मुकर गए। मारपीट के बाद जहरीला पदार्थ देने का आरोप
इसके बाद सोमवार शाम को जब उनके पिता रणधीर सिंह और दीवान सिंह से अपना हिसाब करने पहुंचे तो उनके साथ मारपीट की। मारपीट के बाद उन्हें अधमरा छोड़ दिया। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत खराब होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मृतक के बेटे भूपेन्द्र का कहना है कि मृतक कल्याण सिंह ने अस्पताल लाते समय रास्ते में बताया था कि चारों लोगों ने मारपीट करने के बाद उन्हें कुछ जहरीला पदार्थ खिलाया है। सोमवार रात में पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां बुधवार को उनकी मृत्यु हो गई। शिकायत करने पर पुलिस ने नहीं दर्ज की रिपोर्ट
वहीं मृतक कल्याण सिंह के भतीजे सुरेंद्र दांगी ने बताया कि चाचा के साथ हुई मारपीट की शिकायत करने जब परिजन गुलाबगंज थाने पहुंचे तो वहां उनकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई। परिजन पुलिस से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।


