एसएमएस समेत किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में जो कोर्स है ही नहीं, उसके लिए शिक्षक के तीन पदों पर भर्ती निकाली गई। 31 जनवरी (शनिवार की छुट्टी) को आवेदन लिया गया, उसी दिन विभाग ने नोडल अधिकारी पैरामेडिकल संस्थान और विभागाध्यक्ष रेडियो डायग्नोसिस को निर्देश दिए। इसके बाद नोडल अधिकारी ने भर्ती के लिए तीन नामों की सिफारिश एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को भेज दी। कॉलेज प्रशासन ने डिप्लोमा इन रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी के तीन शिक्षकों के पदों की स्वीकृति दी थी। शेष | पेज 8 पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल क्यों उठे? जो कोर्स हैं, उनके लिए शिक्षकों की भर्ती की मंजूरी नहीं सूत्रों का कहना है कि नोडल अधिकारी की सिफारिश वाला पत्र भी 31 जनवरी को ही एसएमएस से शिक्षा निदेशालय भेजा गया। एसएमएस में कई अन्य पैरामेडिकल कोर्स संचालित हैं, लेकिन उनके लिए शिक्षकों भर्ती के लिए स्वीकृति नहीं मिली है। इधर, एसएमएस मेडिकल कॉलेज की एडिश्नल प्रिंसिपल डॉ.रीमा मीना का कहना है कि अभी प्रक्रिया जारी है। रूल्स और रेगुलेशंस बनाने के लिए फाइल वापस भेजी है।


