जालोर जिला कलेक्ट्रेट के सामने चल रहे गणपत सिंह हत्याकांड के धरने में गुरुवार देर शाम नया घटनाक्रम सामने आया। करीब 18 महीने बाद भी मामले का खुलासा नहीं होने पर मृतक की 80 साल की मां हवा कंवर और 65 साल की पत्नी भारती कंवर 8 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी हैं। इसी बीच बाड़मेर के शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी द्वारा विधानसभा में मुद्दा उठाने के बाद गुरुवार देर शाम पुलिस और मेडिकल टीम धरना स्थल पहुंची और मां को हॉस्पिटल में भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने रात में जाने से इनकार कर दिया और सुबह जांच करवाने की बात कही। 18 महीने बाद भी नहीं हुआ हत्याकांड का खुलासा गणपत सिंह हत्याकांड को करीब 18 महीने से ज्यादा समय बीत चुका है। इसके बावजूद अब तक पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। मामले को लेकर परिजन कई बार धरना और विरोध कर चुके हैं। करीब दो महीने पहले भी 80 साल की मां समेत पांच लोग 9 दिन तक भूख हड़ताल पर बैठे थे, लेकिन इसके बाद भी जांच में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। मां और पत्नी 8 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी न्याय की मांग को लेकर मृतक की 80 साल की मां हवा कंवर और 65 साल की पत्नी भारती कंवर पिछले 8 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी हैं। उनके साथ गणपत सिंह के दो भाई अभय सिंह और कल्याण सिंह भी धरना स्थल पर बैठे हुए हैं और मामले के खुलासे की मांग कर रहे हैं। विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद पहुंची पुलिस और मेडिकल टीम बुधवार को शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा में गणपत सिंह हत्याकांड का मुद्दा उठाया था। इसके अगले दिन गुरुवार देर शाम डीएसपी गौतम जैन, कोतवाली थानाधिकारी रामेश्वर लाल भाटी, बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता, दो एम्बुलेंस और डॉ विजय चौधरी की मेडिकल टीम धरना स्थल पहुंची। टीम ने परिजनों से बातचीत कर हवा कंवर को हॉस्पिटल में भर्ती कराने की बात कही। परिजनों ने कहा सुबह ड्रिप लगवा देंगे, रात में नहीं जाएंगे पुलिस और डॉक्टरों की टीम करीब एक घंटे तक परिजनों को समझाती रही, लेकिन हवा कंवर और अन्य परिजनों ने रात में हॉस्पिटल जाने से मना कर दिया। उनका कहना था कि मेडिकल रिपोर्ट सुबह ही आ गई थी, लेकिन पुलिस पूरे दिन नहीं आई और अब देर शाम दबाव बनाने पहुंची है। परिजनों ने कहा कि वह सुबह जांच करवाकर ड्रिप लगवा लेंगे, लेकिन रात में हॉस्पिटल नहीं जाएंगे। भाई ने पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस अक्सर रात में एक साथ पहुंचकर दबाव बनाने की कोशिश करती है। उनका कहना था कि पुलिस दिन के समय क्यों नहीं आती और रात में ही इस तरह पहुंचकर दबाव बनाती है। करीब एक घंटे की बातचीत के बाद जब परिजन नहीं माने तो पुलिस और मेडिकल टीम वापस लौट गई। वहीं धरना स्थल पर मृतक की मां और पत्नी की भूख हड़ताल जारी है।


