जैसलमेर में ऐतिहासिक ‘चादर महोत्सव’ का शंखनाद आज:जैसलमेर पहुंचेंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत, 871 साल पुरानी परंपरा का होगा अभिषेक

जैसलमेर में आज से तीन दिवसीय ‘चादर महोत्सव’ का आगाज होने जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज विशेष अतिथि के रूप में इस महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण 871 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दादा गुरुदेव की पावन चादर का विधिवत अभिषेक और दर्शन है। डॉ.मोहन भागवत डेडानसर मेला ग्राउंड में आयोजित होने जा रहे कार्यक्रम में जैन समुदाय के दादा गुरुदेव की स्मृति में विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही डॉ. विद्युत प्रभा द्वारा लिखित पुस्तक ‘दादा गुरुदेव’ का विमोचन करेंगे। वे वहां आयोजित होने जा रही धर्मसभा को भी संबोधित करेंगे, जहां वे भारतीय संस्कृति और सामाजिक सद्भाव पर अपने विचार रखेंगे। सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा कार्यक्रमों का सिलसिला डॉ. मोहन भागवत का कार्यक्रम सुबह ठीक 10:30 बजे जैसलमेर दुर्ग (किले) से शुरू होगा। वे सबसे पहले पार्श्वनाथ जैन मंदिर में दर्शन करेंगे और उसके बाद ‘जिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार’ का अवलोकन करेंगे। यहाँ वे 11वीं शताब्दी के महान आचार्य श्री जिनदत्त सूरी की उस चमत्कारी चादर के दर्शन करेंगे, जो डेढ़ शताब्दी पूर्व महामारी शांत करने के लिए जैसलमेर लाई गई थी । सिक्का, डाक टिकट और किताब का विमोचन किले के दर्शन के पश्चात डॉ. भागवत डेडानसर मेला ग्राउंड पहुंचेंगे। दोपहर 11:45 बजे वे दादा गुरुदेव की स्मृति में विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही डॉ. विद्युत प्रभा द्वारा लिखित पुस्तक ‘दादा गुरुदेव’ का विमोचन विमोचन करेंगे। दोपहर 11:52 बजे से डॉ. भागवत धर्मसभा को संबोधित करेंगे, जहां वे भारतीय संस्कृति और सामाजिक सद्भाव पर अपने विचार रखेंगे। डॉ. मोहन भागवत का आज का कार्यक्रम (मिनट-टू-मिनट) 7 मार्च 2026 (शनिवार) मुख्य आकर्षण: 1.08 करोड़ लोगों का सामूहिक पाठ एवं चादर महाअभिषेक 8 मार्च 2026 (रविवार) मुख्य आकर्षण: आचार्य पद समारोह एवं समापन — ये खबर भी पढ़िए…. राजस्थान- जैन संत के लिए 3 दिन पूरा शहर बुक:872 साल पुराने वस्त्रों के दर्शन होंगे, आग भी नहीं जला सकी, महामारी से बचाया जैसलमेर में होने जा रहे जैन समाज के चादर महोत्सव देश-विदेश से 25 हजार श्रद्धालु आएंगे। महोत्सव में आने वाले श्रद्धालु जैन संत दादा श्री जिनदत्त सूरी महाराज के 872 साल पुराने वस्त्रों का भी दर्शन करेंगे। (खबर पढ़ें)

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