झारखंड के गिरिडीह जिले में 32 हाथियों का झुंड पहुंचने से दहशत का माहौल बन गया है। हाथियों का यह झुंड पीरटांड और मुफस्सिल थाना क्षेत्र में विचरण कर रहा है। इनकी मौजूदगी से गिरिडीह, पीरटांड, डुमरी, सरिया और बिरनी प्रखंड के कई गांवों के लोग भयभीत हैं। वाहनों की आवाजाही रुक गई हाथियों का झुंड मुफस्सिल क्षेत्र के जसपुर से होते हुए पीरटांड के चम्पानगर पहुंचा। देर रात को जब झुंड ने नेशनल हाइवे 114A को पार किया, तो वाहनों की आवाजाही रुक गई। हाथियों के जंगल में जाने पर यातायात हुआ सामान्य रेंजर एसके रवि के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। हाथियों के कुम्हरगड़िया जंगल में प्रवेश करने के बाद ही यातायात सामान्य हुआ। दिन में जंगल में रहने वाला यह झुंड रात में भोजन की तलाश में बाहर निकल रहा है। पिछले दो दिनों में जसपुर पंचायत के तेरखा और बलहो गांव में हाथियों ने गेहूं की फसल और चहारदीवारी को नुकसान पहुंचाया है। रात में फसलों को बर्बाद कर रहे हाथी: ग्रामीण मंटू मंडल, सुधीर मंडल, लच्छू देवी, खेलूं मंडल, विनोद मंडल, निरंजन मंडल और रंजीत मंडल के खेतों में फसल को नुकसान हुआ है। बुधवार रात को सिंदवरिया क्षेत्र में भी फसल और सब्जियों के नुकसान की सूचना मिली है। रेंजर एसके रवि ने बताया कि फिलहाल वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड पर लगातार नजर रख रही है। वर्तमान में हाथियों का झुंड हमारे क्षेत्र से बाहर निकल चुका है और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। ————————————— ये भी खबर पढ़िए 40 हाथियों का दल धनबाद से पारसनाथ पहुंचा:हाथियों ने शिशुओं को सुरक्षा घेरे में लेकर पार की नदी, लोगों ने ली राहत की सांस धनबाद के टुंडी की पहाड़ियों में करीब 3 महीने रहने के बाद 40 हाथियों का दल सोमवार को गिरिडीह के पारसनाथ क्षेत्र की ओर रवाना हो गया। टुंडी के ऋषिभीठा में आने के बाद दल की हथिनियों ने दो शिशुओं को जन्म दिया था। उनकी सुरक्षा के लिए पूरा दल वहीं टिका हुआ था। उनके जन्म के कुछ समय बाद हाथियों ने पहाड़ियों से उतरकर जाने की कोशिश की, पर रास्ते में ग्रामीणों से सामना हो जाने के कारण बार-बार लौट जा रहे थे। पिछले शनिवार को भी करीब 20 हाथी नौहाट, डिग्री कॉलेज होते हुए सलैया जंगल तक पहुंचे थे, लेकिन फिर पहाड़ी पर लौट गए थे। पढ़िए पूरी खबर…


