जयपुर में प्लास्टिक के कूलर बनाने की 3 मंजिला फैक्ट्री में आज सुबह आग लग गई। फैक्ट्री के अंदर गैस सिलेंडर होने से खतरा बना हुआ था। आगजनी की सूचना पर बिंदायका, बगरू, झोटवाड़ा और मानसरोवर से 40 फायर बिग्रेड की गाड़ियां और निजी पानी के टैंकरों से आग बुझाने की कोशिश की गई। करीब 4 घंटे से भी ज्यादा का समय आग बुझाने में लगा। गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि फैक्ट्री में रखे सारे कूलर जल गए। घटना बिंदायका औद्योगिक क्षेत्र की है। इस इलाके का ट्रैफिक भी डायवर्ट किया गया। फैक्ट्री में लगी आग की PHOTOS
फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर रखे थे गैस सिलेंडर कूलर और पंखे बनाने की ये फैक्ट्री रमेश लखवानी की है। फैक्ट्री की ऊपरी मंजिल पर गैस सिलेंडर रखे थे। ऐसे में खतरा बना हुआ था। 40 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। सिविल डिफेंस के कर्मचारियों ने फैक्ट्री से 11 कॉमर्शियल सिलेंडर बाहर निकाला। आग की तीव्रता को देखते हुए जयपुर से फायर ब्रिगेड का विशेष वाहन TTL (टर्नटेबल लैडर) भी मौके पर पहुंची, जिससे तीन मंजिला इमारत के ऊपर चढ़कर आग को बुझाया गया। फैक्ट्री में आग बुझाने के लिए लगाए गए कई फायर फाइटिंग उपकरण एक्सपायरी डेट के मिले हैं। दमकलकर्मियों ने जेसीबी की मदद से फैक्ट्री का पिछला हिस्सा तोड़कर अंदर प्रवेश किया ताकि अंदर तक पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सकें। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के औद्योगिक क्षेत्र के रास्ते बंद कर दिए गए थे और यातायात को डायवर्ट किया गया था। फैक्ट्री के अंदर सो रहे थे चार लोग स्थानीय निवासी कोमल ने बताया कि सुबह फैक्ट्री के अंदर से आग की लपटों को उठते देखा। फैक्ट्री का दरवाजा खटखटाया तो चार लोग फैक्ट्री में से निकले। उन्होंने कहा कि हम सो रहे थे। हमें पता भी नहीं था कि आग लग गई है। बिंदायका थाना प्रभारी राजेश वर्मा ने बताया कि शुरुआती तौर पर आग शॉर्टकट सर्किट से लगना माना जा रहा है। हालांकि आग लगने के कारण और फैक्ट्री में कमर्शियल सिलेंडर मिलने को लेकर मामले में जांच जारी है।


