हैलो सर, मैं सत्यम कटरे बोल रहा हूं। कटरे मैडम का लड़का। मैंने मम्मी-पापा को मार डाला। आप पुलिस को कॉल कर दीजिए। यह बात बालाघाट में माता-पिता पर सब्बल से हमला करने वाले इकलौते बेटे ने टीचर संजय डहाटे से कही थी। हमले के बाद 20 साल के सत्यम ने पहला कॉल संजय को ही किया। संजय प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं। वे आरोपी सत्यम के माता-पिता प्रतिभा और किशोर कटरे के दोस्त हैं। संजय हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में उनके घर से करीब एक किलोमीटर दूर रहते हैं। संजय ने बताया कि मैं 4 मार्च को सो रहा था। रात करीब 11:10 बजे प्रतिभा कटरे के नंबर से कॉल आया था। कॉल पर प्रतिभा का बेटा सत्यम था। उसने कहा कि माता-पिता को मार दिया है, पुलिस को बता दो। मैंने कहा कि तुम झूठ बोल रहे हो। इसके बाद उसने कॉल काट दिया। प्रतिभा कटरे की महाराष्ट्र के गोंदिया में इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। किशोर जानकी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती हैं। यहां उनकी हालत स्थिर है। परिजनों ने बताया कि सत्यम पढ़ने में होनहार है, वह डॉक्टर बनना चाहता था। दैनिक भास्कर ने फोन पर संजय डहाटे और किशोर के बड़े भाई अरविंद कटरे से बात की। खून से लथपथ माता-पिता के पास खड़ा था
संजय ने बताया, विश्वास ही नहीं हुआ। प्रतिभा मैडम के नंबर से कॉल था, इस कारण परिचित जयकिशोर कटरे और नंदलाल तामेश्वर को उनके घर भेजा। थोड़ी देर में मैं भी पहुंचा। वहां देखा, तो हम घबरा गए। खून से सना सब्बल पड़ा था। बेड पर प्रतिभा और किशोर नीचे लहूलुहान पड़े थे। कमरे में खून ही खून था। पास ही उनका बेटा सत्यम खड़ा था। इसके बाद पुलिस और किशोर के भाई अरविंद कटरे को कॉल किया। बड़े भाई बोले- ऐसा लग रहा कि सपना है
किशोर कटरे वारासिवनी में सिकंदरा पंचायत के कॉलेज टोला में रहते थे। पांच साल पहले ही नया मकान बनाया है। बड़े भाई अरविंद कटरे भी करीब डेढ़ किलोमीटर दूर परिवार के साथ रहते हैं। अरविंद बताते हैं, ‘हम तीन भाई हैं। मैं सबसे बड़ा, मंझला राजेन्द्र कटरे और सबसे छोटा किशोर कटरे। तीनों सरकारी शिक्षक हैं। अरविंद ने बताया, किशोर जरामोह गांव के पीएम श्री हायर सेकंडरी स्कूल में विज्ञान के शिक्षक थे। उसकी पत्नी प्रतिभा नहरटोला सावंगी के प्राइमरी स्कूल में पदस्थ थी। मायके में भाई भी शिक्षक हैं। हमारे पिता जीएल कटरे भी अंग्रेजी के शिक्षक थे। उनके पढ़ाए हुए बच्चे आज बड़े पदों पर हैं। पूरा परिवार शिक्षा विभाग से जुड़ा है। एजुकेटेड फैमिली है। समझ नहीं पा रहे कि क्या हो गया। यह अभी भी सपने जैसा लग रहा है। उस रात कॉल आया तो हम पहुंचे। यहां पुलिस भी मौजूद थी। एम्बुलेंस से छोटे भाई और उसकी पत्नी को अस्पताल भिजवाया था। चार महीने पहले ही कोटा से आया था सत्यम
अरविंद कटरे ने बताया, सत्यम ज्यादा किसी से बोलता नहीं था। हमेशा पढ़ते रहता था। वह डॉक्टर बनना चाहता था। कहता था कि परिवार में सभी शिक्षक हैं, इसलिए डॉक्टर बनना है। NEET की कोचिंग के लिए कोटा भी गया था। चार महीने पहले बीच में छोड़कर घर आ गया। घर से ही तैयारी कर रहा था। भाई और प्रतिभा सुबह स्कूल चले जाते थे। शाम 5 बजे के बाद आते थे। दिनभर बेटा अकेला रहता था। थोड़ी दूर होने के बावजूद वह हमारे घर भी बहुत कम ही आता-जाता था। मोबाइल को लेकर कई बार डांटा था
एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने बताया कि अभी तक की पूछताछ में पता चला है सत्यम ज्यादातर समय घर में ही रहता था। उसके दोस्त भी नहीं थे। पिता से मोबाइल चलाने को लेकर कई बार बहस भी हुई थी। पिता ने उसकी सिम भी ले ली थी। हालांकि, इसमें साजिश या प्लानिंग करके वारदात करना तो अभी तक सामने नहीं आया है। घटना वाली रात भी पिता और बेटे के बीच बहस हुई थी। किशोर ने बेटे के हाथ से मोबाइल छीन लिया था। आशंका है कि जान से मारने की नीयत से ही पहले पिता के सिर पर सब्बल से वार किया है। चीख सुनकर मां बचाने आई, तो उस पर भी हमला कर दिया। डायल 100 की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। घर से भी नहीं निकलता था सत्यम
किशोर के पड़ोसी योगेन्द्र कावरे ने बताया कि सत्यम घर से बाहर बहुत कम निकलता था। सोशल मीडिया से भी दूर रहता था। किसी से मिलना-जुलना भी नहीं था। घटना के दिन क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। पड़ोसी दुर्गा प्रसाद कावरे ने बताया कि चार-पांच साल से किशोर का परिवार यहां रह रहा है। सत्यम को उन्होंने कभी खेलते हुए या बाहर किसी से मिलते हुए नहीं देखा। केवल पढ़ाई में ही लगा रहता था। वह अपने काम से ही मतलब रखता था। किशोर कटरे के साथ काम करने वाले उदय परते बताते हैं कि दोनों टीचर्स का स्वभाव शांत था। कभी परिवार और बेटे को लेकर बात नहीं करते थे। कई बार शिक्षकों के बीच चर्चा होने पर भी वह ज्यादा नहीं बोलते थे। पढ़ने में होनहार है सत्यम
सत्यम ने वारासिवनी आइडियल पब्लिक स्कूल से 10वीं पास की थी। उसके 79 प्रतिशत मार्क्स आए थे। स्कूल के संचालक अब्दुल रब कुरैशी ने बताया कि सत्यम होनहार लड़का था। वह सिर्फ पढ़ाई पर फोकस करता था। उसके ज्यादा दोस्त भी नहीं थे। —————— यह भी पढ़ें… पिता को मां बचाने आई तो उसे मार दी सब्बल
बालाघाट के वारासिवनी में सोमवार को देर रात तक मोबाइल देखने से मना करने पर एक युवक ने अपने मां-बाप पर सब्बल से हमला कर दिया। दोनों को गोंदिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां मंगलवार रात करीब 7 बजे मां की मौत हो गई। वहीं पिता की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। उन्हें होश नहीं आया है। मृतका प्रतिभा कटरे का बुधवार सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार किया गया। पढ़ें पूरी खबर


